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यूपी चुनाव: 6 रुपये की चाय, 37 का नाश्ता; नेता जी के खर्च के लिए चुनाव आयोग ने तय किए रेट

आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी अधिकतम सीमा से अधिक खर्च नहीं कर सकेंगे। उनके द्वारा चुनाव कार्यालय से लेकर जनसभा में होने वाले खर्च पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। इसी बीच, जिला चुनाव अधिकारी (डीईओ) लखनऊ ने उन सेवाओं और वस्तओं के लिए दर चार्ट जारी किया है जिन पर एक उम्मीदवार प्रचार में खर्च कर सकता है। इस पर नजर रखने के लिए उडन दस्ता भी सक्रिय हो गया है।




चुनाव के दौरान प्रत्याशियों द्वारा नाश्ता व भोजन कराया जाता है, जिसका रेट भी तय किया गया है। एक उम्मीदवार चार पूरी और एक मिठाई के नाश्ते के लिए 37 रुपये प्रति प्लेट और एक समोसा और एक कप चाय के लिए 6-6 रुपये रखी गई है। इसी तरह, उम्मीदवार 16 रुपये प्रति मीटर की दर से फूलों की माला खरीद सकते हैं और चुनाव प्रचार के लिए तीन ड्रमर प्रति दिन 1,575 रुपये के किराए पर ले सकते हैं। हालांकि, मिनरल वाटर की बोतलें एमआरपी रेट पर खरीदी जा सकती हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार चुनाव प्रसार के दौरान प्रत्याशी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं, जो चुनाव खर्च में आता है। खर्च का आकलन करने के लिए वाहनों के रेट प्रति किमी के हिसाब से तय कर दिए हैं। बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज के लिए लग्जरी कारों का किराया 21,000 रुपये प्रति दिन, जबकि एसयूवी मित्सुबिशी पजेरो स्पोर्ट को अधिकतम 12,600 रुपये प्रति दिन किराए पर लिया जा सकता है। इसके अलावा इनोवा, फॉर्च्यूनर, क्वालिस जैसी एसयूवी कारों का किराया 2,310 रुपये प्रति दिन, स्कॉर्पियो और टवेरा के लिए 1,890 रुपये प्रति दिन जबकि जीप, बोलेरो और सूमो के लिए 1,260 रुपये प्रति दिन तय किया गया है, जिसमें ईंधन लागत भी शामिल है।

इससे पहले, महीने की शुरुआत में चुनाव आयोग ने राज्य विधानसभा चुनावों के लिए खर्च की सीमा 28 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर दी थी। बता दें कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करने के लिए खर्च की सीमा लगाता है कि कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक दल समान स्तर पर चुनाव लड़ सकता है।

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