भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. सौम्या कांति घोष की ओर से तैयार की गई रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2023 में 4.1 लाख करोड़ रुपए उधार लेने का लक्ष्य तय किया गया है जबकि छोटी बचत योजनाओं से 1.7 लाख करोड़ रुपए जुटने की उम्मीद जताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि यह आंकड़े सही रहते हैं तो बैंकों पर एफडी की ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव रहेगा। इसका कारण यह है कि छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर पहले ही बैंक जमा से काफी ज्यादा हैं।
छोटी बचत की ब्याज दरों में बदलाव नहीं
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने छोटे जमाकर्ताओं को कोरोना महामारी से सुरक्षा देने के मकसद से छोटी बचत योजनाओं में वित्त वर्ष 2021 की पहली तिमाही से कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक तब से अब तक प्रमुख मौद्रिक दरों में कई बार कमी कर चुका है।
प्रमुख बैंकों की ब्याज दर
बैंक अवधि
2-3 3-5 5-10
वर्ष वर्ष वर्ष
एसबीआई 5.10 5.30 5.40
एचडीएफसी 5.20 5.40 5.60
आईसीआईसीआई 5.20 5.45 5.60
एक्सिस बैंक 5.40 5.40 5.75
यूनियन बैंक 5.30 5.40 5.50
● ब्याज दरें प्रतिशत में
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