कानपुर: कर्मचारी भविष्यनिधि संगठन (ईपीएफओ) अब संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों को भी भविष्यनिधि (पीएफ) योजना का लाभ दिलाएगा। एकीकृत पोर्टल के अंतर्गत मुख्य नियोक्ता, आउटसोर्स सेवा प्रदाता को नियंत्रण में लाने की तैयारी है। पीएफ योजना का कवरेज डेढ़ गुणा करने पर सहमति बनी है इससे अब संविदा और आउटसोर्स कर्मी योजना से वंचित नहीं होंगे।
प्रमुख सचिव श्रम सुरेश चंद्रा की अध्यक्षता में शुक्रवार को लखनऊ के बापू भवन में ईपीएफओ की क्षेत्रीय सलाहकार समिति की 112वीं बैठक में कहा गया कि कर्मियों को लाभ न देने वाले नियोक्ताओं पर कार्रवाई होगी। साथ ही कई अहम फैसले लिए गए। समिति के सदस्य पीएस बाजपेयी व सुखदेव प्रसाद मिश्र ने संविदा कर्मियों को लाभ न मिलने का मुद्दा उठाया तो अधिकारियों ने बताया कि योजना के अनुपालन पर नजर रखने के लिए ईपीएफओ की वेबसाइट के एकीकृत पोर्टल के नियोक्ता इंटरफेस की व्यवस्था की गई है। इससे उन्हें हक से वंचित नहीं किया जा सकेगा। समिति के अधिकारी ने कहा कि ई-नामिनेशन शिविर लगाकर कर्मचारियों को पीएफ के दायरे में लाया जाएगा।
बैठक में अपर केंद्रीय भविष्यनिधि आयुक्त एसबी सिन्हा, क्षेत्रीय आयुक्त प्रथम गौतम कुमार आदि उपस्थित रहे। बैठक में जेके जूट मिल कर्मियों की भविष्यनिधि कटौती के बाद भी विभाग में न जमा करने का मुद्दा भी उठा। इस पर प्रमुख सचिव श्रम ने मिल मालिकों पर कार्रवाई के आदेश दिए।
’>>ईपीएफओ की क्षेत्रीय सलाहकार समिति की समस्याओं पर मंथन
’>>कर्मचारियों का हक मारने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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