आगरा। बेसिक शिक्षा विभाग के 14 अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी गत आठ साल में रिश्वत लेते हुए पकड़े जा चुके है वर्ष 2014 से अब कुल 15 लोगों को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा गया है। एक लेखपाल को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी बेसिक शिक्षा विभाग से ही जुड़े हैं। वर्ष 2014 से एक वर्ष भी ऐसा नहीं गया, जिसमें बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ा कोई न से कोई रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा न गया हो। दो वित्त एवं लेखाधिकारी और दो खंड शिक्षा अधिकारियों के नाम भी इस सूची में शामिल हैं।
●वर्ष 2014 में वित्त एवं लेखाधिकारी राकेश चंद मौर्य को पकड़ा गया
●वर्ष 2015 में पेंशन निदेशालय, आगरा के लिपिक आरएस प्रजापति को पकड़ा गया।
●वर्ष 2016 में एबीआरसी, फतेहाबाद उत्तम सिंह को पकड़ा गया।
●वर्ष 2016 में एबीआरसी, फतेहाबाद भूप सिंह मौर्य को पकड़ा गया।
●वर्ष 2017 में खंड शिक्षा अधिकारी, शमसाबाद, पूनम चौधरी को पकड़ा गया।
●वर्ष 2017 में वित्त एवं लेखाधिकारी कन्हैयालाल सारस्वत को पकड़ा गया।
●वर्ष 2018 में वेतन बिल लिपिक (शिक्षक), शमसाबाद सोबरन सिंह को पकड़ा गया।
●वर्ष 2019 में वेतन बिल लिपिक (शिक्षक) शमसाबाद, देव प्रकाश को पकड़ा गया।
● वर्ष 2019 में वेतन बिल लिपिक, अछनेरा प्रकल दुबे को पकड़ा गया।
●वर्ष 2019 में एबीआरसी, बरौली अहोर हरिओम दुबे को पकड़ा गया।
●वर्ष 2020 में वेतन बिल लिपिक, फतेहाबाद, राहुल गुप्ता को पकड़ा गया।
●वर्ष 2021 में एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी), चरौली अहीर जितेंद्र कुमार शर्मा को पकड़ा गया।
●वर्ष 2021 में खंड शिक्षा अधिकारी, शमसाबाद बृजराज सिंह को पकड़ा गया।
●20 अप्रैल 2022 को प्रधानाध्यापक भैरवनाथ झा को पकड़ा गया।

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