इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से कराई गई स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा-2021 के रिक्त 1729 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर रोक लगा दी है। साथ ही मामले में उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने प्रीति पटेल व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया है।
याची के अधिवक्ता रोहित द्विवेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 4743 पदों पर भर्ती केलिए विज्ञापन निकाला था। उसमें से तकरीबन तीन हजार पदों पर उसने भर्ती पूरी कर ली। बाकी रिक्त पदों पर भर्ती के लिए उसने सरकार के समक्ष भेज दिया। सरकार अब रिक्त पदों पर विज्ञापन निकालकर भर्ती करने की तैयारी में है। कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी और कहा कि अंतिमआदेश के आने तक 1729 पदों पर भर्ती पर रोक रहेगी। कोर्ट ने मामले में सरकारी अधिवक्ता से जवाब दाखिल करने को कहा और सुनवाई के लिए नौ मई की तारीख निश्चित कर दी।
मामले में याचियों की ओर से स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा-2021 को चुनौती दी गई है। उनका कहना है कि भर्ती में गड़बड़ी की गई है। अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थी चयन से बाहर हैं। सुनवाई केदौरान सरकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि रिक्त पदों अभी कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं शुरू की जाएगी। कोर्ट ने इस पर आयोग द्वारा स्टाफ नर्स भर्ती परीक्षा में अनुभव योग्यता एवं अन्य बिंदुओं पर जब हलफनामे पर दाखिल करने को कहा।

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