नई दिल्ली : छात्र अब एक साथ दो डिग्री कोर्सों की पढ़ाई कर सकेंगे। ये कोर्स या तो सुबह और शाम की पाली में हो सकते हैं या फिर एक फिजिकल मोड में तो दूसरा आनलाइन मोड में हो सकता है। दोनों की पढ़ाई आनलाइन मोड भी हो सकती है। ऐसा इसलिए किया गया है कि ताकि फिजिकल मोड में ही दो कोर्सों में दाखिला लेने से छात्रों के सामने उपस्थिति का संकट ना पैदा हो। इस तरह के कोर्स विश्वविद्यालयों की मर्जी पर होगा। अगले एक-दो दिनों में इसे लेकर गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन एम जगदीश कुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा कि दो डिग्री कोर्स छात्रों द्वारा एक ही विश्वविद्यालय से या फिर अलग-अलग विश्वविद्यालयों से भी किया जा सकेगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में भी दो डिग्री कोर्स शुरू करने की सिफारिश की गई है। इसमें छात्रों को एंट्री और एक्जिट के विकल्प मुहैया कराने पर जोर दिया गया है। इस पहल से छात्रों का समय बचेगा। वह एक साथ ही दो अलग-अलग विश्वविद्यालयों से दो अलग-अलग कोर्सों की पढ़ाई कर सकेंगे। यह पहल सभी कोर्सों के स्तर पर लागू होगी। यानी स्नातक, परास्नातक और सर्टिफिकेट जैसे कोर्स भी इनमें शामिल होंगे। बता दें कि यूजीसी ने हाल ही में एनईपी की सिफारिश के पालन में केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा कराने का एलान किया है। जिसे सीयूईटी (कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) नाम दिया गया है। सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इसी के तहत दाखिल दिया जाएगा।
’>>अगले एक-दो दिनों में जारी होगी गाइडलाइन
’>>यूजीसी चेयरमैन ने कहा, विवि पर निर्भर करेंगे इस तरह के कोर्स
’>>नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में की गई है ऐसे कोर्सों की सिफारिश

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