लखनऊ। परिषदीय, सरकारी और एडेड विद्यालयों में आठवीं में पढ़ने वाले निर्बल आय वर्ग के विद्यार्थियों के लिए होने वाली राष्ट्रीय आय एवं योग्यता आधारित छात्रवृत्ति परीक्षा में सत्र 2023-24 में प्रदेश से दस गुना अधिक विद्यार्थियों को शामिल कराने की तैयारी है।
गौरतलब है कि छात्रवृत्ति परीक्षा से यूपी के 15,143 विद्यार्थियों का चयन हो सकता है लेकिन यहां से इतने आवेदन ही नहीं होते हैं। बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेद्र विक्रम सिंह ने इसके लिए सभी डीआईओएस व बीएसए को अधिक से अधिक पंजीकरण कराने का लक्ष्य दिया गया है। इस परीक्षा में ऐसे सभी विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं, जिनके अभिभावक की सालाना आय साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक न हो। इसके अतिरिक्त विद्यार्थी सातवीं कक्षा की परीक्षा न्यूनतम 55 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण हो।
हालांकि इसमें एससी-एसटी अभ्यर्थियों के लिए पांच प्रतिशत की छूट रहती है। छात्रवृत्ति परीक्षा में केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल और राजकीय आवासी विद्यालय के विद्यार्थी शामिल नहीं हो सकते हैं। परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थियों को वजीफा के तौर पर नौवीं से 12वीं कक्षा तक एक हजार रुपये प्रति माह मिलेगा।

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