पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा एक बार फिर गरमाने वाला है। रेलवे यूनियन इसे लेकर आंदोलन की तैयारी में हैं। सोमवार को प्रयागराज आए ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने कहा कि सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करनी ही होगी, अन्यथा रेलवे यूनियन अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ ऐसा आंदोलन करेंगी केंद्र सरकार हिल जाएगी।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की भाजपा या पीएम मोदी से कोई दुश्मनी नहीं, लेकिन कर्मचारी उसी पार्टी को समर्थन करेंगे जो पुरानी पेंशन बहाल करने को तैयार है। इसके लिए घोषणा पत्र में वादा करना होगा। उन्होंने कहा कि फरवरी से आंदोलन शुरू होगा और सितंबर में रेलकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन की मंडल समिति की बैठक में शामिल होने आए शिव गोपाल मिश्र ने कहा कि दस से 20 फरवरी तक देशभर में रेलकर्मी और उनके परिजनों का हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। 21 फरवरी को राष्ट्रपति को पत्र भेजा जाएगा। एक करोड़ लोगों का हस्ताक्षर होगा। 21 मार्च को देश की हर तहसील पर रेलकर्मी प्रदर्शन करेंगे। 21 अप्रैल को जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन होगा। फिर 21 मई को देश भर में रेलकर्मी मशाल जुलूस निकालेंगे। जून माह में सभी राज्यों की राजधानी में प्रदर्शन होगा। मिश्र ने कहा कि संसद के मानसून सत्र में दिल्ली में पांच लाख लोगों की एक विशाल रैली निकाली जाएगी। मेंस यूनियन के जोनल महामंत्री आरडी यादव ने कहा कि निजीकरण के खिलाफ आंदोलन के बाद ही सरकार को अपने कदम वापस खींचने पड़े।

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