सिद्धार्थनगर। अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के लिए परिषदीय स्कूल के गैर जनपद निवासी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बीएसए कार्यालय पर सोमवार से तीन दिवसीय शांतिपूर्ण सत्याग्रह शुरू किया। वक्ताओं का सिर्फ एक ही मांग अंतर्जनपदीय स्थानांतरण रहा।
बता दें कि यह जिला वर्ष 2018 से आकांक्षी श्रेणी में है। यहां से बाहर जनपदों के लिए स्थानांतरण के लिए रोक लागू है। ऐसे में यहां तैनात शिक्षकों का पारस्परिक के अलावा स्थानांतरण नही हो रहा है। वर्तमान में अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की मांग जोर पकड़ने लगी है। वाराणसी जिले की मूल निवासी शिक्षिका सुषमा सिंह, जालौन की प्रियंका राजे, बागपत की पंकज रानी, कानपुर के रोहित गुप्ता, शिखा गुप्ता की नियुक्ति 72 हजार बैच में वर्ष 2015 में हुई थी व शामली निवासी रूपा तोमर की 16 हजार बैच में 2016 में हुई थी। इन लोगों ने बताया कि वह अपने घर परिवार से दूर आठ वर्ष से यहां शिक्षण कार्य कर रही हैं। इनका परिवार देखभाल के अभाव में विभिन्न समस्यायों से ग्रसित हो रहे हैं। कई परिवार दूर होने के कारण बिखर रहा है। सरकार को आकांक्षी जिले से स्थानांनतरण किया जाना आवश्यक है। अगर जल्द स्थानांनतरण की प्रक्रिया शुरू नही किया गया तो बड़े आंदोलन को बाध्य होंगे। इस सत्याग्रह में निकेता शंखधार, अनुपम सिंह, पंकज राय, जयप्रकाश, गौरव पांडेय, सम्राट पाठक, अलका वर्मा, कल्पना, ज्योत्सना, हिमांशी, माधुरी, शशिकला, नोमिता, अंशू पवार, रीतू शर्मा, शीला यादव मौजूद रहे।

ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق