यूपी में माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में तदर्थ शिक्षकों को 20 महीने से सैलरी नहीं मिल रही है। जिससे अब उन्होंने हनुमान जी की शरण लेनी पड़ रही है। शिक्षकों का कहना है कि 20 साल से सेवा कर रहे शिक्षकों का वेतन रोकना अनुचित है। वहीं वेतन न मिलने से शिक्षकों का कहना है कि उनकी दयनीय स्थिति हो गई है।
लखनऊ, जासं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों में तदर्थ शिक्षकों को 20 महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके लिए वह उपवास और याचना कर रहे हैं। शिक्षा निदेशक माध्यमिक के पार्क रोड स्थित शिविर कार्यालय में दो सप्ताह से शिक्षक धरने पर बैठे हैं।
धरना दे रहे शिक्षकों ने हनुमान जी की तस्वीर के सामने प्रार्थना पत्र रखकर विनती की कि उनकी मांग मुख्यमंत्री तक पहुंच जाए, जिससे उनके वेतन का भुगतान हो सके। शिक्षकों का कहना है कि वेतन नहीं मिलने से उनकी दयनीय स्थिति हो गई है। बूढ़े मां बाप की दवाई से लेकर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की गलत व्याख्या कर तदर्थ शिक्षकों का वेतन रोका है। तदर्थ शिक्षकों के समर्थन में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रादेशिक उपाध्यक्ष डा. आरपी मिश्र, जिलाध्यक्ष डा. आरके त्रिवेदी सहित अन्य पदाधिकारी भी पहुंचे।
उन्होंने तदर्थ शिक्षकों का समर्थन करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग से वेतन रोकने का कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया है। शिक्षाधिकारियों ने मनमाने तरीके से वेतन रोका है। 20 साल से सेवा कर रहे तदर्थ शिक्षकों का वेतन रोकना अनुचित है।
उपवास में राजमणि सिंह, सुशील कुमार शुक्ला, सौरव मिश्रा, राजेश पांडे, राम कुमार शुक्ल, सुनील कुमार सिंह, राजकुमार पांडे, अंजनी बाजपेयी, अनिल त्रिपाठी प्रतापगढ़, आलोक त्रिपाठी, किरन चौहान, अरुण सिंह सहित कई तदर्थ शिक्षक धरन पर बैठे रहे।
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