करदाता ध्यान दें:
आयकर विवरणी फॉर्म भरते समय कुछ लोग अन्य स्रोतों से हुई इनकम जैसे सेविंग बैंक, FD का ब्याज ,NSC का ब्याज,RD का ब्याज, डिविडेंड,शेयर मार्केट से हुआ लाभ,किसी प्रकार का किराया ,प्रॉपर्टी बेचने पर हुआ लाभ आदि को दिखाने का प्रयास करते हैं जबकि ये सारे लाभ ITR भरते समय 26AS या AIS फॉर्म में SHOW हुई एक्चुअल लाभ अमाउंट दिखाया जाता है क्योंकि कोई भी लाभ 31 मार्च बीत जाने के बाद ही फाइनल माना जाता है वही राशि आपके 26AS/AIS में मई/जून में शो होती है,
उसी को ITR की इनकम में जोड़ा जाता है।सभी श्रोतों से हुई इनकम का फाइनल हिसाब ITR भरते समय ही होता है अभी केवल सैलरी का हिसाब आपको करना है
ITR भरते समय सभी का एक साथ हिसाब होगा टैक्स कम पड़ेगा तो चालान से और जमा करना होगा और यदि अभी ज्यादा जमा हो गया है तो ITR के द्वारा वापस मिल जाएगा।

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