प्रयागराज। स्कूलों में नया सत्र शुरू होने के साथ ही बाजार में मांग के अनुरूप राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबें उपलब्ध नहीं हैं।
किताबों के लिए बच्चे दुकान-दुकान भटक रहे हैं। हालात यह है कि पुस्तकों के थोक विक्रेता ने एनसीईआरटी की किताबों के लिए 10 लाख का ऑर्डर दिया था तो उन्हें दो लाख की किताबें मिली हैं। एनसीईआरटी की लापरवाही से किताबें नहीं मिल पा रही हैं। इसका फायदा एक बार फिर निजी प्रकाशक उठा रहे हैं। नया सत्र शुरू होने के साथ ही निजी प्रकाशकों की किताबें बाजार में आ गई हैं। दूसरी ओर एनसीईआरटी की किताबें बाजार में कम मिल रही हैं।
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