प्रयागराज : नई शिक्षा नीति के तहत सप्ताह में अधिकतम 30 घंटे की पढ़ाई निर्धारित करते हुए केंद्रीय विद्यालयों की तरह परिषदीय विद्यालयों में पांच दिन शिक्षण हो। अध्यापकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्त किया जाए।
पुरानी पेंशन बहाली हो। विद्यालयों में पंजिकाओं के रख रखाव, डाटा संरक्षण, डीबीटी, आधार लिंक आदि कार्यों के लिए विद्यालयों में क्लर्क कम्प्यूटर आपरेटर नियुक्त हों। शौचालय तथा कक्षा की सफाई के लिए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (स्वीपर) नियुक्त होना जरूरी है। नियमितीकरण पूर्ण होने तक सभी शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों को सम्मानजनक न्यूनतम मानदेय चालीस हजार रुपये प्रदान किए जाएं। शिक्षकों की भांति पारस्परिक व सामान्य स्थानांतरण की सुविधा दी जाए। दिव्यांग, असाध्य रोग ग्रसित एवं महिला शिक्षिकाओं का स्थानांतरण प्राथमिकता के आधार पर उनके चयनित जनपदों में किया जाए। महिला शिक्षिकाओं का
स्थानांतरण/समायोजन जनपद मुख्यालय के समीपवर्ती विकास खंड में किया जाए। प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर, शुद्ध पेयजल के लिए आरओ की व्यवस्था हो। छात्र-शिक्षक अनुपात में शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति एवं अंतरजनपद/अंतरजनपदसमायोजन/ स्थानांतरण के आदेश शीघ्र जारी कर पूर्ण किए जाएं। तीसरे बच्चे पर भी 12 सप्ताह का मातृत्व अवकाश दिया जाए। दिव्यांग एवं मानसिक मंदित बच्चों के अभिभावकों को बाल देखभाल अवकाश के लिए 18 वर्ष समय सीमा की बाध्यता को समाप्त किया जाये। विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को स्थायी करते हुए न्यूनतम मानदेय 10 हजार रुपये प्रतिमाह हो।

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