लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में कार्यरत महिला शिक्षामित्रों को स्थानांतरण का विकल्प देने पर विचार किया जाएगा। ऐसी तमाम शिक्षामित्र हैं जो शादी से पहले नौकरी पा गईं थी। उस समय उन्हें उनके मायके की ग्राम
पंचायत के परिषदीय स्कूलों में तैनाती दे दी गई। अब शादी के बाद उन्हें रोज ड्यूटी करने के लिए अपनी ससुराल से दूर जाना पड़ता है। जिन महिला शिक्षामित्रों की शादी दूसरे जिलों में हुई है, उन्हें ज्यादा कठिनाई उठानी पड़ती है।सोमवार को आदर्श समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र वेलफेयर
एसोसिएशन के पदाधिकारियों को प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा एमकेएस सुंदरम ने आश्वासन दिया कि वह महिला शिक्षामित्रों को स्थानांतरण की सुविधा दिलाने पर गंभीरता से विचार करेंगे। सचिवालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष में एसोसिएशन के संरक्षक डा. दिनेश चंद्र शर्मा व अध्यक्ष विश्वनाथ सिंह कुशवाहा ने उन्हें अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को 11 आकस्मिक अवकाश ही दिए जाते हैं,जबकि शिक्षकों को 14 आकस्मिक
अवकाश मिलते हैं। उन्होंने इसे बढ़ाने की मांग की। महिला शिक्षामित्रों को प्रसूति अवकाश के साथ चाइल्ड केयर लीव देने की भी मांग की गई। मानदेय में वृद्धि व शिक्षकों की तरह ही 62 वर्ष में रिटायर किए जाने की भी मांग की। प्रमुख सचिव ने आश्वासन दिया कि जो नियमानुसार संभव होगा वह मांग जरूर पूरी की जाएगी।


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