देवरियाः उप्र बीटीसी शिक्षक संघ की बैठक सदर बीआरसी परिसर में रविवार को हुई, जिसमें शिक्षकों की समस्याओं को लेकर विचार- विमर्श किया गया। जिलाध्यक्ष गेंना यादव ने कहा कि शिक्षकों की तरह शिक्षामित्रों को
भी सम्मान मिलना चाहिए। प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों को स्थायी करे, जिससे वह भी समाज में सम्मान से जीवनयापन कर सके। साथ ही प्रदेश सरकार शिक्षामित्रों का शोषण बंद करे। मानदेय मात्र 10 हजार प्रतिमाह है, जिससे शिक्षामित्रों के परिवार का खर्च नहीं चल पाता है।जिला उपाध्यक्ष राकेश तिवारी ने कहा कि शिक्षकों का पारस्परिक तबादला जनपद के अंदर व बाहर करने की प्रक्रिया विभाग शुरू करे, जिससे शिक्षकों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जनपदीय समायोजन में सरप्लस शिक्षकों का तबादला पहले उनके तैनाती ब्लाकों के रिक्त पदों पर किया जाए। उसके बाद पद रिक्त न होने पर दूसरे ब्लाकों में तबादला किया जाए।
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