कतिपय समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबर जिसमे 27000 प्राथमिक विद्यालयों को निकटवर्ती विद्यालयों में विलय करते हुए बंद करने की बात की गई है बिल्कुल भ्रामक एवं निराधार है.
किसी भी विद्यालय को बंद किए जाने की कोई प्रक्रिया गतिमान नहीं है ।
प्रदेश का प्राथमिक शिक्षा विभाग विद्यालयों में मानव संसाधन और आधारभूत सुविधाओं के विकास, शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर करने तथा छात्रों, विशेषकर बालिकाओ के, ड्राप आउट दर को कम करने के लिए सतत प्रयत्नशील है. इस दृष्टि से समय-समय पर विभिन्न अध्ययन किए जाते हैं.
विगत वर्षों में प्रदेश के विद्यालयों में कायाकल्प, निपुण, प्रेरणा आदि योजनाओं के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति एवं सुधार हुए हैं.
विभाग के लिए प्रदेश के छात्रों का हित सर्वोपरि है.


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