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यूपी में रोका गया टीचरों का वेतन, विरोध में उतरा शिक्षक संघ; आखिर क्या है कारण?

 लखनऊ। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों को टैबलेट व हर महीने सिम पर इंटरनेट के प्रयोग के लिए 200 रुपये की धनराशि दिए जाने के बावजूद शिक्षक छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति नहीं भर रहे। मिड डे मील खाने वाले विद्यार्थियों का ब्योरा भी ऑनलाइन नहीं दिया जा रहा।

डिजिटल पंजिकाओं पर ऑनलाइन जानकारी भरे जाने के निर्देश का पालन न किए जाने पर शिक्षकों के वेतन रोकने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं शिक्षकों ने इसे मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के साथ हुए समझौते के खिलाफ बताया है।

170 स्कूलों के शिक्षकों का रोका गया वेतन

उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री अरुणेन्द्र कुमार वर्मा का कहना है कि बाराबंकी के त्रिवेदीगंज ब्लाक के 170 विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। वहीं मसौली ब्लाक के स्कूलों को नोटिस जारी की गई है। ऐसे ही शाहजहांपुर व बरेली में भी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। अन्य जिलों में भी कार्रवाई शुरू की जा रही है।

आंदोलन करेगा शिक्षक संघ 

वहीं बीते 16 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शिक्षक संगठनों और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में निर्णय लिया गया था कि शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति सहित अन्य डिजिटल पंजिकाओं के प्रयोग के लिए एक्सपर्ट कमेटी का गठन कर उसकी सिफारिशें लागू की जाएंगी। अभी तक एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट नहीं आई है। फिर भी शिक्षकों पर डिजिटल पंजिकाओं के उपयोग का दबाव बनाया जा रहा है। अब इसके खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।

शिक्षक इंटरेक्टिव वायस रिस्पांस सिस्टम (आइवीआरएस) के माध्यम से मिड डे मील खाने वाले छात्रों का प्रतिदिन ब्योरा मिड डे मील प्राधिकरण को भेज रहे हैं। उधर स्कूली शिक्षा महानिदेशालय की ओर से पत्र जारी कर निर्देश दिए गए हैं कि टैबलेट और सिम के प्रयोग किया जाए। शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति छोड़ बाकी सभी डिजिटल पंजिकाओं का उपयोग किया जाए।

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