अमेठी सिटी। शिक्षामित्र पद पर नियुक्ति के बाद लोग मजबूरी में घर से दूर कार्य कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के नए आदेश में शिक्षामित्रों की घर वापसी हो जाएगी। सरकार के इस फैसले से शिक्षामित्रों में खुशी की लहर है।
जिले में शिक्षामित्रों में से करीब 900 महिलाएं कार्यरत हैं। ज्यादातर महिलाएं शादी के बाद से अपने घर से करीब 40 से 50 किमी की दूरी पर कार्य करने को मजबूर हैं। शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारी प्रमोद तिवारी ने कहा कि शिक्षामित्रों के स्थानांतरण की मांग लंबे समय से की जा रही थी। अब सरकार ने इसे पूरा किया है। शिक्षामित्र संगठन के जिला अध्यक्ष संजय कनौजिया ने बताया कि यह मुख्यमंत्री का सराहनीय कदम है।
शादी के बाद महिला शिक्षामित्रों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब महिलाओं को उनके मूल विद्यालय या पति के घर के आसपास नौकरी करने की सुविधा मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्ष, 2021 में भी एक बार यह स्थानांतरण हुआ था, जिसमें टेट या सुपरटेट क्वालीफाइड लोग घर वापसी से वंचित रह गए थे, इस बार उन्हें भी भूल सुधार का मौका मिल जाएगा। इसके लिए शिक्षामित्रों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। डीएम व बीएसए के संयोजन में कमेटी के माध्यम से स्थानांतरण किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने बताया कि शासनादेश आने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा।

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