नई दिल्ली। हर 10 साल में आमतौर पर वेतन आयोग (Pay Commission) की बैठक आयोजित की जाती है। बैठक के दौरान महंगाई, अर्थव्यवस्था और जीवन व्यापन पर लगने वाले खर्च को देखकर सैलरी में महत्वपूर्ण बदलाव किए जाते हैं। वहीं बैठक के दौरान पेंशन भोगियों और केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते (Allowance) को लेकर भी बदलाव किए जाते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अगर 8 वा वेतन आयोग लागू होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी में बढ़ोतरी हो सकती है। ये भी कहा जा रहा है कि इस बढ़ोतरी से लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशन भोगियों को फायदा मिलने वाला है।
कितनी बढ़ सकती है कर्मचारियों की सैलरी?
मीडिया रिपोर्ट की माने तो अभी एक मिड लेवल कर्मचारी को हर साल लगभग 1 लाख रुपये सैलरी मिल जाती है। ये सैलरी टैक्स डिडक्शन से पहले की है। केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ावा बजट के ऐलोकेशन (Allocation) पर निर्भर करता है।
अगर 1.75 लाख करोड़ रुपये सैलरी बढ़ोतरी के लिए आवंटित होते हैं, तो सैलरी 1,14,600 रुपये प्रति माह हो सकती है।
अगर 2 लाख करोड़ रुपये दिए जाते हैं, तो सैलरी 1,16,700 रुपये प्रति माह हो सकती है।
वहीं अगर 2.25 लाख करोड़ रुपये दिए जाते हैं, तो ऐसे में सैलरी बढ़कर 1,18,800 रुपये प्रति माह हो सकती है।
हालांकि ये बात ध्यान देने वाली है कि सैलरी बढ़ोतरी को लेकर अभी तक किसी भी तरह की पुष्टि नहीं गई है। सैलरी बढ़ोतरी को लेकर ऊपर दिए गए ये आंकड़े अनुमानित है।
कब होगा 8 वा वेतन आयोग लागू?
8 वें वेतन आयोग को लेकर अभी तक कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई है। मीडिया रिपोर्ट की मुताबिक 8वा वेतन आयोग अप्रैल 2025 से शुरू हो सकता है। वहीं 8 वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) द्वारा लिए गए निर्णय, समीक्षा और सुझाव अगले साल जनवरी 2026 से लागू हो सकते हैं।
पिछला वेतन आयोग कब हुआ लागू ?
इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक 7 वें वेतन आयोग को लेकर सरकार ने 1.02 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे। वैसे तो ये जनवरी 2016 से लागू कर दिया गया था। लेकिन सरकारी कर्मचारियों और पेंशन भोगियों को इसका असर जुलाई 2016 में देखो को मिला।
इस बैठक के सुझाव के तहत सरकार ने बेसिक सैलरी को 7000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया था।

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