शिक्षक-शिक्षिकाओं के शैक्षिक सत्र 2025-26 में जिले के अंदर स्थानांतरण और समायोजन की सूची 30 जून को जारी होगी। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध
में निर्देश दिए हैं। यू-डायस पोर्टल पर उपलब्ध छात्रसंख्या के आधार पर आरटीई मानकों के अनुरूप छात्र-शिक्षक अनुपात की गणना करते हुए शिक्षकों की आवश्यकता वाले और आवश्यकता से अधिक शिक्षक वाले विद्यालयों को चिह्नित करते हुए 23 जून तक ऑनलाइन सूची अपडेट की जाएगी।बीएसए स्तर से 28 जून तक ऑनलाइन सत्यापन एवं डाटा लॉक किया जाएगा और एनआईसी लखनऊ की ओर से विकसित सॉफ्टवेयर के माध्यम से 30 जून को स्थानांतरण सूची जारी होगी। लंबे समय के बाद शिक्षकों को जिले के अंदर ओपन ट्रांसफर का मौका मिला है।
स्कूल में शिक्षक की जरूरत नहीं, फिर भी किया तबादला
वहीं,अभी राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों के तबादले में मनमानी का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के स्थानान्तरण में अनियमितता की शिकायतें होने लगी है। 14 जून को जारी राजकीय विद्यालयों के 372 शिक्षकों की सूची में उन स्कूलों में भी शिक्षकों का तबादला कर दिया गया है, जहां आवश्यकता ही नहीं थी। ऑनलाइन व्यवस्था ही पूरी तरह से सवालों के घेरे में खड़ी है क्योंकि उन स्कूलों में भी शिक्षकों का ट्रांसफर हुआ है जिनकी रिक्ति पोर्टल पर प्रदर्शित ही नहीं थी। यही नहीं स्थानान्तरण में 20 मई को जारी शासनादेश का भी जमकर उल्लंघन किया गया है।
राजकीय हाईस्कूल भौली मीरजापुर में अंग्रेजी के सहायक अध्यापक मिथलेश कुमार यादव का तबादला राजकीय हाईस्कूल भकुरा जौनपुर कर दिया गया। जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानान्तरित विद्यालय में पांच शिक्षक पहले से कार्यरत हैं और इस स्कूल की रिक्ति पोर्टल पर प्रदर्शित भी नहीं की गई थी। राजकीय इंटर कॉलेज बाराबंकी की शारीरिक शिक्षा विषय की सहायक अध्यापिका शैलजा का ट्रांसफर राजकीय हाईस्कूल मवई लखनऊ कर दिया गया। जबकि डीआईओएस लखनऊ की रिपोर्ट पर सामाजिक विषय और विज्ञान विषय की रिक्ति पोर्टल पर प्रदर्शित की गई थी। शारीरिक शिक्षा की रिक्ति नहीं होने के बावजूद ट्रांसफर आदेश जारी हो गया।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज दुद्धी सोनभद्र में संस्कृत की सहायक अध्यापिका कुसुम सिंह ने मिर्जापुर के तीन विद्यालयों में रिक्ति के सापेक्ष ट्रांसफर के लिए आवेदन किया लेकिन उनका आवेदन निरस्त हो गया। जबकि अन्य शिक्षिकाओं का तबादला कर दिया गया। शिक्षा निदेशालय में अपर शिक्षा निदेशक राजकीय कार्यालय में ऐसी दर्जनों शिकायतें पहुंच चुकी है और कुछ शिक्षक इस मनमानी के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका करने की तैयारी में है।

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