अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय सह-संयोजक अनिल यादव ने बताया कि देशभर के शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता के विरोध में जोरदार आंदोलन की योजना बनाई जा रही है। मोर्चा शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बना रहा है। यदि आवश्यकता हुई तो जल्द ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसी सिलसिले में 15 नवंबर को लखनऊ में मोर्चे से जुड़ी संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक होगी।
मोर्चा की मुख्य मांगें
केंद्र सरकार शिक्षा अधिकार अधिनियम 2017 के संशोधन को तत्काल निरस्त करे।
शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।
आंदोलन की रूपरेखा
देश के सभी स्थानीय सांसदों को ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं।
सरकार के ठोस कदम न उठाने की सूरत में संसद के शीतकालीन सत्र में दिल्ली के जंतर-मंतर पर विशाल प्रदर्शन होगा।
प्रभावित शिक्षकों की संख्या
उत्तर प्रदेश में लगभग 1.86 लाख शिक्षक प्रभावित होंगे।
अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय सह-संयोजक अनिल यादव ने आंदोलन की सफलता के लिए सभी संगठनों से आगे आने की अपील की है।

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