नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार को बड़ा आर्थिक फैसला लेते हुए भारतीय बीमा कंपनियों में 100 फीसदी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की अनुमति देने वाले बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2025 को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से बीमा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आएगा, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्राहकों को बेहतर व किफायती सेवाएं मिलेंगी।
यह विधेयक मौजूदा शीतकालीन सत्र में संसद में पेश किया जाएगा। यह उन 13 अहम विधेयकों में शामिल है, जिन पर इस सत्र में चर्चा प्रस्तावित है।
बजट में किया गया था प्रस्ताव
वित्त वर्ष 2025 के केंद्रीय बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा को 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा था, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
विधेयक में क्या-क्या बड़े बदलाव?
बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2025 में कई अहम संशोधन शामिल किए गए हैं—
-
🔹 FDI सीमा 100%
-
🔹 बीमा कंपनियों के लिए पूंजी संबंधी शर्तें आसान
-
🔹 नया समग्र (Composite) लाइसेंसिंग ढांचा
-
🔹 IRDAI और बीमा अधिनियम में संशोधन
-
🔹 नई बीमा कंपनियों के लिए बाजार में प्रवेश आसान
इन सुधारों का उद्देश्य पॉलिसीधारकों की सुरक्षा बढ़ाना और बीमा कंपनियों की वित्तीय मजबूती सुनिश्चित करना है।
LIC को मिलेंगे अधिक अधिकार
सरकार एलआईसी (LIC) के बोर्ड को भी ज्यादा स्वायत्तता देने की तैयारी में है। इसके तहत—
-
✔ नई शाखाएं खोलने की स्वतंत्रता
-
✔ भर्ती से जुड़े निर्णय
-
✔ संचालन संबंधी फैसलों में अधिक अधिकार
इससे एलआईसी की कार्यक्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
बीमा क्षेत्र को क्या होंगे फायदे?
🔹 बेहतर सेवाएं और नई तकनीक
विदेशी निवेश से बीमा कंपनियां डिजिटल प्लेटफॉर्म, नई तकनीक और बेहतर ग्राहक सेवा उपलब्ध करा सकेंगी।
🔹 रोजगार के नए अवसर
बीमा कंपनियों के विस्तार से एजेंटों, अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
🔹 ग्रामीण और छोटे शहरों तक पहुंच
बीमा उत्पादों की पहुंच ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों तक बढ़ेगी, जहां बीमा कवरेज अब भी कम है।
🔹 कम प्रीमियम, ज्यादा विकल्प
प्रतिस्पर्धा बढ़ने से कंपनियां कम प्रीमियम दरों पर बेहतर योजनाएं पेश कर सकेंगी, जिससे बीमा आम लोगों के लिए किफायती होगा।
2047 तक ‘सबके लिए बीमा’ का लक्ष्य
सरकार का कहना है कि इन सुधारों से
-
बीमा उद्योग की दक्षता बढ़ेगी
-
कारोबार करना आसान होगा
-
नए खिलाड़ी बाजार में आएंगे
-
देश में बीमा कवरेज में तेजी से वृद्धि होगी
इससे वर्ष 2047 तक हर नागरिक को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق