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मुरादाबाद: पहले सहायक अध्यापक फिर फिर से प्रधानाध्यापक की सूची में नाम — शिक्षक समायोजन विवाद

Moradabad School Teacher Adjustment News | Surplus Teacher Policy | Education Department Controversy

मुरादाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक समायोजन (Teacher Adjustment) के नवीनतम चरण में एक अहम विवाद सामने आया है, जहां पहले सहायक अध्यापक के रूप में दिखाए गए शिक्षक को अब अचानक प्रधानाध्यापक की सूची में शामिल कर दिया गया है, जिससे विभागीय नीति और समायोजन प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।


51 स्कूलों में समायोजन प्रक्रिया चल रही

जिले के 51 परिषदीय विद्यालयों को इस बार एकल या शिक्षक विहीन घोषित किया गया है, जहां पर शिक्षकों की तैनाती के लिए समायोजन की प्रक्रिया जारी है।

  • 42 स्कूलों में केवल एक-एक शिक्षक काम कर रहे हैं

  • 9 ऐसे विद्यालय हैं, जहां एक भी शिक्षक नहीं है


शिक्षक संघ की आपत्ति: नीति के बिना समायोजन

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. नीरज शर्मा ने बीएसए को ज्ञापन देकर कहा कि समायोजन प्रक्रिया में पॉलिसी की स्पष्टता का अभाव है और शिक्षक पदों का निर्धारण सही ढंग से नहीं किया जा रहा है। 

संघ का आरोप है कि—
✔️ पहले कुछ प्रधानाध्यापकों को जूनियर सहायक अध्यापक के रूप में दिखाया गया था,
✔️ अब उन्हें फिर प्रधानाध्यापक के पद पर दिखा कर सरप्लस सूची में शामिल किया गया गया है।

ऐसा होना नियमों के अनुरूप नहीं माना जा रहा है, क्योंकि हर विद्यालय में प्रधानाध्यापक का होना अनिवार्य होता है


सरप्लस सूची में भ्रम और पारदर्शिता की कमी

समायोजन सूची में विभाग ने केवल प्रत्येक स्कूल में सरप्लस शिक्षक की संख्या तो दी है, लेकिन—

🔹 शिक्षकों के नाम नहीं दिए गए
🔹 वरिष्ठता या तैनाती प्राथमिकता के निर्देश स्पष्ट नहीं
🔹 पॉलिसी व विकल्प संबंधी निर्देश प्रकाशित नहीं हुए 

कोषाध्यक्ष कुमार सिंह ने कहा कि समायोजन के लिए स्पष्ट पॉलिसी, वरिष्ठता मानक और विकल्प निर्देश जारी होना आवश्यक है, लेकिन वर्तमान प्रक्रिया अधूरी लग रही है।


पहले रिलीव, अब फिर ज्वाइन — कर्मचारियों में असमंजस

शिक्षक संघ का यह भी कहना है कि—

🔹 पहले जिन विद्यालयों में शिक्षकों को समायोजित किया गया था,
🔹 वहां शिक्षकों की कमी के आधार पर नियुक्ति हुई थी,
🔹 अब उसी सूची में उन्हें फिर से सरप्लस दिखाया जा रहा है

यह स्थिति समायोजन नीति की असंगति को उजागर करती है और शिक्षकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है।


बीएसए का बयान: प्रक्रिया नियमानुसार जारी

जिलाधिकारी कार्यालय के अनुसार—
✔️ समायोजन प्रक्रिया चालू है
✔️ यह नियमों के अनुरूप ही पूरी की जाएगी
✔️ यदि शिक्षकों ने आपत्तियाँ जताई हैं, तो उसका संज्ञान लिया जाएगा 


निष्कर्ष

मुरादाबाद में चल रही शिक्षक समायोजन प्रक्रिया उस समय विवादों में आ गई जब पूर्व में सहायक अध्यापक बनाए गए शिक्षकों को फिर से प्रधानाध्यापक के रूप में सूची में दिखाया गया। इसके साथ ही वरिष्ठता, विकल्प और पॉलिसी की सटीकता पर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विभाग समायोजन नीति में संशोधन करता है या इस मामले पर स्पष्ट दिशा‑निर्देश जारी करता है

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