सीतापुर। सिधौली विकासखंड में फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र के सहारे नौकरी पाने के मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। न्यायालय के निर्देश पर कराई गई चिकित्सकीय जांच में दिव्यांगता शून्य पाए जाने के बाद आरोपी शिक्षक को पहले ही सेवा से बर्खास्त किया जा चुका था। अब इस प्रकरण में सिधौली के खंड शिक्षा अधिकारी ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ जनपद निवासी अभय कुमार सिंह ने वर्ष 2020 में परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति पाई थी। वर्ष 2021 में उनकी तैनाती सिधौली विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय बनियानी में हुई। नियुक्ति के समय प्रस्तुत दिव्यांगता प्रमाणपत्र के सत्यापन की प्रक्रिया आजमगढ़ से कराई गई, लेकिन वहां से संतोषजनक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो सकी। इसके बाद मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा।
न्यायालय के आदेश पर लखनऊ मेडिकल कॉलेज में कराई गई मेडिकल जांच में अभय कुमार सिंह की दिव्यांगता शून्य पाई गई। इसके आधार पर बीएसए कार्यालय ने कई बार उनसे स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन कोई जवाब न मिलने पर बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने उन्हें बर्खास्त कर दिया।
अब इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी पुष्पराज सिंह ने सिधौली कोतवाली में फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी हासिल करने से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।

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