हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सभी जिलों में पेंशन एरियर-ग्रेच्युटी भुगतान में हो रहे घोटाले की जांच का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि खासकर उनकी जांच की जाए, जहां पेंशनर की मृत्यु हो चुकी है और अपात्र लोग फर्जी लाइफ सर्टिफिकेट लगा कर पेंशन ले रहे हैं।
चित्रकूट की 84 वर्षीय महिला जगुआ उर्फ जोगवा की अंतरिम जमानत मंजूर कर यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण सिंह ने दिया है।याची के खिलाफ 28,6,506 रुपये पेंशन एरियर के नाम पर फर्जी तरीके से चित्रकूट ट्रेजरी से खाते में भुगतान कराने और फिर रकम निकालने का आरोप है। यह रकम 7 फरवरी 2024 से 30 मई 2025 के दौरान खाते में पेंशन एरियर जमा की गई। याची के अधिवक्ता का कहना था कि याची 84 साल की अनपढ़ महिला है। उसका इससे लेना-देना नहीं है। बिचौलिए, ट्रेजरी कर्मचारियों की मिली भगत से खाते में रकम ट्रांसफर की गई। याची ने किसी भी पेंशन एरियर भुगतान के लिए कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया था।

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