ऐप पर वोटर देख सकेंगे नोटिस जारी हुआ या नहीं
नोटिस पाने वाले को दिखाने होंगे दस्तावेज
अगर नोटिस पाने वाले किसी व्यक्ति का जन्म एक जुलाई 1987 से पूर्व हुआ है तो उसे सिर्फ अपने से संबंधित दस्तावेज देना होगा। एक जुलाई 1987 के बाद और दो दिसंबर 2004 से पूर्व जन्म हुआ है तो अपने साथ-साथ पिता से संबंधित दस्तावेज भी दिखाने होंगे। किसी का जन्म दो दिसंबर 2004 के बाद का है तो उसे अपने साथ माता-पिता दोनों के दस्तावेज नोटिस पर सुनवाई के लिए उपलब्ध कराने होंगे।
लखनऊ, प्रसं। यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर में वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जिन मतदाताओं का मिलान नहीं हो पाया है, उन्हें नोटिस भेजी जा रही है। पहले चरण में 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जाएगी। आगे ईसीआईनेट ऐप पर भी वोटरऑनलाइन देख सकेंगे कि नोटिस जारी हुआ है या नहीं। अभी voters.eci.gov.in पर यह सुविधा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की ओर से यह सुविधा शुरू करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की आईटी टीम को पत्र लिखा गया है। ऐसे लोग जिन्हें नोटिस जारी किया जा रहा, उनकी सुनवाई 21 जनवरी से होगी। पहले दिन 3793 स्थानों पर 9154 अधिकारियों की ड्यूटी नोटिस पर सुनवाई के लिए लगाई गई है। ऐसे मतदाता जिनका खुद का नाम, माता-पिता, बाबा-दादी या फिर नाना-नानी का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें नोटिस भेजी जा रही हैं।
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