🟥 37 साल बाद फर्जी नियुक्ति का दावा खारिज, अंबेडकर नगर में FIR दर्ज होने की तैयारी

 अंबेडकर नगर। जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 37 साल पुरानी कथित शिक्षक नियुक्ति को जांच के बाद फर्जी घोषित कर दिया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

द्वारा की गई विस्तृत जांच में नियुक्ति से जुड़े कोई वैध अभिलेख उपलब्ध नहीं पाए गए, जिसके बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।


🔍 क्या है पूरा मामला?

यह मामला जिले के दो निजी सहायता प्राप्त विद्यालयों से जुड़ा है, जहां दो व्यक्तियों ने स्वयं को वर्षों पूर्व नियुक्त शिक्षक बताते हुए वेतन व अन्य सेवा लाभों की मांग की थी। मामला न्यायालय तक पहुंचा, जिसके बाद अदालत के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने पुनः अभिलेखों की गहन जांच कराई।

जांच के दौरान:

  • नियुक्ति आदेश से संबंधित कोई मूल रिकॉर्ड नहीं मिला

  • उपस्थिति पंजिका, वेतन रजिस्टर व अन्य शासकीय दस्तावेजों में नाम दर्ज नहीं

  • U-DISE एवं अन्य शैक्षिक अभिलेखों में भी कोई उल्लेख नहीं

  • प्रस्तुत किए गए कुछ दस्तावेज संदिग्ध व कूट रचित पाए गए


⚠️ विभागीय जांच में क्या खुलासा हुआ?

जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कथित नियुक्ति के समय:

  • नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया

  • अनुमोदन से जुड़े अभिलेख अनुपस्थित थे

  • एक मामले में पारिवारिक हितों के टकराव की भी आशंका जताई गई

इन सभी तथ्यों के आधार पर विभाग ने नियुक्ति को पूरी तरह अवैध और नियमविरुद्ध मानते हुए खारिज कर दिया।


🧾 क्या हुआ फैसला?

✔️ 37 साल बाद किया गया नियुक्ति दावा अस्वीकृत
✔️ वेतन, एरियर व सेवानिवृत्ति लाभों की मांग नामंजूर
✔️ फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने के आरोप
✔️ विद्यालय प्रबंधन को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश


🛑 क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

यह प्रकरण इसलिए बेहद अहम है क्योंकि:

  • यह दर्शाता है कि फर्जी नियुक्तियों पर अब सख्ती की जा रही है

  • वर्षों पुराने मामलों में भी रिकॉर्ड की जांच निर्णायक बन रही है

  • शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर बढ़ा है


📌 शिक्षा विभाग का सख्त संदेश

बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि बिना वैध चयन प्रक्रिया और अभिलेखों के किसी भी नियुक्ति को मान्यता नहीं दी जाएगी, चाहे मामला कितना ही पुराना क्यों न हो।