69000 शिक्षक भर्ती: आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का डिप्टी CM आवास घेराव, 4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में सशक्त पैरवी की मांग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 69000 शिक्षक भर्ती से जुड़े आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने सोमवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के आवास का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।

अभ्यर्थी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आगे न बढ़ने से नाराज हैं और सरकार से चार फरवरी को होने वाली सुनवाई में सशक्त पैरवी की मांग कर रहे हैं।


🔹 पुलिस बल की भारी तैनाती, ईको गार्डन भेजे गए अभ्यर्थी

प्रदर्शन को देखते हुए डिप्टी सीएम आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। अभ्यर्थी न्याय की मांग करते हुए वहीं धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को बसों से धरना स्थल ईको गार्डन भेज दिया।

इस दौरान:

  • पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच
    👉 खींचतान और नोकझोंक भी हुई

  • माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण रहा


🔹 सरकार पर फैसले को लटकाने का आरोप

अभ्यर्थियों का आरोप है कि:

  • हाईकोर्ट की डबल बेंच का फैसला आने के बावजूद

  • सरकार ने जानबूझकर उस पर अमल नहीं किया

  • इसी कारण मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि समय रहते फैसला लागू किया जाता, तो हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती थी।


🔹 “पर्याप्त समय था, फिर भी न्याय नहीं मिला”

अभ्यर्थी अमरेंद्र पटेल और धनंजय गुप्ता ने कहा कि:

  • सरकार के पास हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए
    👉 पर्याप्त समय मौजूद था

  • इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया

उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय किया गया और उन्हें नौकरी से वंचित रखा गया।


🔹 पहले भी मिला था त्वरित न्याय का आश्वासन

अभ्यर्थियों ने बताया कि:

  • पूर्व में भी डिप्टी सीएम के आवास का घेराव किया गया था

  • उस समय त्वरित न्याय का भरोसा दिया गया था

  • लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला

इसी से नाराज होकर अभ्यर्थियों ने दोबारा प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।


🔹 मुख्य मांग: 4 फरवरी को मजबूत पैरवी

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि:
👉 चार फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई में
👉 सरकार अभ्यर्थियों के पक्ष में पूरी मजबूती से पैरवी करे

ताकि 69000 शिक्षक भर्ती विवाद का जल्द और न्यायसंगत समाधान निकल सके।


🔹 प्रदर्शन में शामिल प्रमुख अभ्यर्थी

इस आंदोलन में:

  • विक्रम यादव

  • अमित मौर्या

  • अनिल

  • अनिल कुमार

  • राहुल मौर्या

  • उमाकांत मौर्या

  • अर्चना मौर्या

  • कल्पना

  • शशि पटेल

सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए।


🔹 निष्कर्ष

69000 शिक्षक भर्ती मामला अब केवल भर्ती नहीं, बल्कि:

  • न्याय

  • समान अवसर

  • और आरक्षित वर्ग के अधिकारों

से जुड़ा विषय बन चुका है। चार फरवरी की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई इस मामले में निर्णायक साबित हो सकती है