सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से कहा गया कि टीईटी सभी शिक्षकों के लिए जरूरी है और विशेष शिक्षकों के लिए भारतीय पुनर्वास परिषद का प्रमाणपत्र भी अनिवार्य है।
इस पर जस्टिस दत्ता ने 2021 के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि टीईटी की शर्त स्पष्ट रूप से कक्षा 1 से 5 और 6 से 8 तक के लिए है, 9 से 12 के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसी अनिवार्यता केवल प्रशासनिक पत्र से नहीं, बल्कि विधि या नियमों के तहत तय होनी चाहिए। अदालत ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 21 जुलाई 2022 के आदेश के अनुपालन में संविदा शिक्षकों के वेतन और सेवा शर्तों पर एक महीने में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश भी दिया।लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
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