सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2014 से पूर्व के सभी
शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य
किया गया है। इसके कारण प्रदेश के लगभग 80
लाख शिक्षक भी प्रभावित हो रहे हैं। इसमें से कई
आठ फरवरी को हो रही केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा
(सीटेट) में शामिल हो रहे हैं। इन शिक्षकों ने प्राथमिक
व अपर प्राइमरी वर्ग के लिए आवेदन किया है।
उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने कहा है कि इसमें
शामिल होने के लिए सेवारत शिक्षकों को बेसिक शिक्षा
विभाग से अनापत्ति (नो ड्यूज) की आवश्यकता होती
है। किंतु कई जिलों में इसको जारी करने में दिक्कत हो
रही है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने निदेशक
बेसिक शिक्षा से मांग की कि वे एक सामूहिक आदेश
जारी करते हुए 8 को होने वाली सीटेट परीक्षा में शामिल
होने का आदेश जारी कर दें, ताकि किसी शिक्षक को
नो ड्यूज के लिए परेशान न होना पड़े।

ليست هناك تعليقات:
إرسال تعليق