सदन में भारत सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्रालय के द्वारा दिए गए जवाब के पत्र के यदि आप अंतिम पैरा को पढ़ेंगे तो उसमें स्पष्ट है की नियुक्ति के लिए टेट अनिवार्य है एवं जो सेवा शिक्षक सेवा में हैं उनको यदि पदोन्नति लेना है तो वहां भी टीईटी अनिवार्य है।
अर्थात बहुत स्पष्ट है की सेवा में बने रहने
के लिए टीईटी अनिवार्य नहीं है, बल्कि सेवा में पहले से कार्यरत लोगों को उनके पदोन्नति के लिए टीईटी अनिवार्य है एवं साथ ही जो नए लोग नियुक्त हो रहे हैं उनके लिए भी टेट अनिवार्य है।
👉 लेकिन हमारी लीगल टीम 29.07.2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को सिर्फ सेवा में बने रहने के लिए टेट की छूट को नहीं मानती बल्कि उनके सेवा के पूरक लाभ पदोन्नति आदि में भी टेट की अनिवार्यता को नहीं मानती यह हम पर नहीं लागू होता है।
बहुत कुछ बातें एवं RTE एक्ट के संवैधानिक व्यस्था के अंतर्गत तथ्य हैं जो हमें छूट प्रदान करते हैं जिसको हम लोग रिव्यू में सिद्ध करेंगे।

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