लखनऊः शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का आंदोलन जारी है।
प्रदेश से लेकर दिल्ली तक धरना-प्रदर्शन के बाद अब शिक्षकों ने एक बार फिर अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले 'शिक्षक की पाती' अभियान चलाया, जिसमें पोस्टकार्ड और ईमेल के जरिये अपनी मांग सरकार तक पहुंचाई। अब दूसरे चरण में शिक्षक 13 अप्रैल को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर मशाल जुलूस निकालेंगे।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने दिया जाएगा।

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