Important Posts

Advertisement

Govt Jobs : Opening

इस शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षित वर्ग अभ्यर्थी सामान्य वर्ग में जा सकते हैं : शीर्ष कोर्ट

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है, जिसमें कहा गया है कि यदि वे पात्रता परीक्षा में अंकों की छूट लेते हैं, लेकिन मुख्य चयन परीक्षा में उनकी मेरिट सामान्य वर्ग के

अंतिम चयनित उम्मीदवार से अधिक है, तो उन्हें सामान्य वर्ग यानी अनारक्षित श्रेणी में स्थान पाने का अधिकार है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि योग्यता मानदंडों में दी गई छूट पात्रता को प्रभावित करती है, न कि मेरिट को।



यह निर्णय महाराष्ट्र में शिक्षक भर्ती मामले से संबंधित है, जहां आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों ने टीईटी में अंकों की छूट का लाभ उठाया था। उच्च न्यायालय ने उनकी मेरिट में अधिक अंक आने पर भी उन्हें सामान्य वर्ग में नहीं माना था। सुप्रीम कोर्ट ने इस निर्णय को पलटते हुए कहा


कि यदि कोई स्पष्ट निषेध नहीं है, तो श्रेणी परिवर्तन की अनुमति है।

जस्टिस पीएस नरसिम्हा व आलोक अराधे की पीठ ने यह निर्णय दिया, जिसमें कहा कि जिन याचियों के अंक सामान्य श्रेणी के चयनित अंतिम उम्मीदवार से अधिक हैं, उन्हें मेरिट लिस्ट में शामिल किया जाए।


सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का दूरगामी प्रभाव होगा। महाराष्ट्र के आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के वकील आरके सिंह कहते हैं कि इस फैसले का असर उत्तर प्रदेश के 69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती के मामले में भी पड़ सकता है, क्योंकि उस मामले में भी विचार का एक मुद्दा यही है। सिंह उस मामले में भी आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के वकील हैं।

ليست هناك تعليقات:

إرسال تعليق

UPTET news