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त्रिपुरा 📰 TET अनिवार्यता पर बड़ा स्पष्टीकरण: 23 अगस्त 2010 से पहले की भर्ती में TET जरूरी नहीं, इस 2013 के पत्र में कुछ ऐसा ही दिया

📰 TET अनिवार्यता पर बड़ा स्पष्टीकरण: 23 अगस्त 2010 से पहले की भर्ती में TET जरूरी नहीं


शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा एक महत्वपूर्ण दस्तावेज सामने आया है, जिसमें राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर TET (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता को लेकर स्पष्ट जानकारी दी गई है।


दस्तावेज के अनुसार, NCTE ने 23 अगस्त 2010 को शिक्षकों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम शैक्षिक एवं व्यावसायिक योग्यताएं निर्धारित की थीं। इसके तहत कक्षा 1 से 5 के लिए डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed) और कक्षा 6 से 8 के लिए बी.एड. जैसी योग्यताएं आवश्यक की गईं। साथ ही, शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को भी अनिवार्य किया गया।


हालांकि, इस नोटिफिकेशन के पैरा 5 में एक महत्वपूर्ण छूट का प्रावधान भी दिया गया है। इसमें कहा गया है कि जिन राज्यों या स्थानीय निकायों ने शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया 23 अगस्त 2010 से पहले ही शुरू कर दी थी (जैसे विज्ञापन जारी कर दिए गए थे), उन भर्तियों के लिए TET पास करना अनिवार्य नहीं होगा।


यानी, जिन अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया 23 अगस्त 2010 से पहले शुरू हुई थी, उन्हें TET की बाध्यता से छूट मिलेगी।


इसके अलावा, दस्तावेज में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2001 के NCTE नियमों के तहत न्यूनतम शैक्षिक योग्यताएं निर्धारित थीं। बाद में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) ने 18 जून 2012 को कुछ राज्यों (जैसे त्रिपुरा) को अस्थायी राहत देते हुए 31 मार्च 2015 तक शिक्षकों की भर्ती में शिथिलता प्रदान की थी। हालांकि, यह शर्त भी रखी गई कि ऐसे नियुक्त शिक्षक अपनी न्यूनतम योग्यता दो वर्षों के भीतर पूरी करेंगे।


अंत में, यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे NCTE के नियमों के अनुसार योग्य शिक्षकों की नियुक्ति करें और उन्हें निर्धारित समय में प्रशिक्षित भी करें।


👉 कुल मिलाकर, यह दस्तावेज उन अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है, जिनकी भर्ती प्रक्रिया 2010 से पहले शुरू हुई थी, क्योंकि उनके लिए TET अनिवार्य नहीं माना जाएगा।


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