Important Posts

परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी, सरप्लस टीचरों की होगी तैनाती

उत्तर प्रदेश के 16,986 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। इन विद्यालयों में दूसरे स्कूलों के सरप्लस शिक्षकों की तैनाती की जाएगी।



इसके लिए सरप्लस शिक्षकों को चिह्नित करने का काम जारी है। न्यायालय के आदेश के अनुसार प्रत्येक विद्यालय में कम से कम दो शिक्षकों की तैनाती सुनिश्चित की जानी है और विभाग इसकी तैयारी के अंतिम चरण में है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, शहरों और मुख्य सड़कों के किनारे स्थित कई परिषदीय विद्यालयों में जरूरत से अधिक शिक्षक तैनात हैं, जबकि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। ऐसे विद्यालयों तक पहुंचना कठिन होने के कारण वहां पर्याप्त शिक्षक नहीं हैं। अब इन स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों को भेजकर शिक्षकों का संतुलित वितरण किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा मिल सके।


1.04 करोड़ छात्र अध्ययनरत

प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में करीब 1.04 करोड़ छात्र अध्ययनरत हैं और यहां 3.38 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। इस आधार पर औसतन 35 छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध है। यदि 1.48 लाख शिक्षामित्रों को भी शामिल कर लिया जाए तो यह अनुपात घटकर 22 छात्रों पर एक शिक्षक रह जाता है। इसी तरह, परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 43.14 लाख छात्र और 1.20 लाख शिक्षक हैं।


 

यहां भी औसतन 35 छात्रों पर एक शिक्षक उपलब्ध है। यदि 25,223 अनुदेशकों को भी जोड़ा जाए तो यह अनुपात 29 छात्रों पर एक शिक्षक हो जाता है। आंकड़ों में शिक्षक-छात्र अनुपात संतोषजनक दिखता है, लेकिन शिक्षकों के असमान वितरण के कारण बड़ी संख्या में विद्यालय शिक्षक संकट से जूझ रहे हैं। इसी असंतुलन को दूर करने के लिए सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जाएगा, जिससे हर विद्यालय में न्यूनतम दो शिक्षक उपलब्ध हो सकें।

UPTET news