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टूट रहा सब्र का बांध, उग्र होने लगे प्रतियोगी, भर्तियों पर रोक को लेकर तीन माह से बनी है अनिश्चितता की स्थिति

इलाहाबाद प्रमुख संवाददाता प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद लोक सेवा आयोग समेत सभी संस्थाओं की भर्तियां रोक दी गईं। अब अनिश्चितता है। मंत्री या अफसर यह भी नहीं बता पा रहे हैं कि रोक क्यों लगाई गई है ? और भर्तियां कब तक शुरू हो सकेंगी?ऐसे में प्रतियोगियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है।
अब वे उग्र होने लगे हैं। जिसकी बानगी बुधवार को उच्च शिक्षा निदेशालय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के चयनित अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान देखने को मिली। गुरुवार को एक ओर प्रतियोगी कैंडल मार्च निकालेंगे तो वहीं दूसरी ओर उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग दफ्तर पर प्रदर्शन होगा।चयनितों के ‘कब्जे’ में रहा निदेशक दफ्तर : उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के विज्ञापन संख्या 46 के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी नियुक्ति/कॉलेज आवंटन की मांग को लेकर गुरुवार को उग्र प्रदर्शन किया। संयुक्त निदेशक डॉ. उर्मिला सिंह ने इन अभ्यर्थियों से वार्ता की। उन्होंने इनकी नियुक्ति/कॉलेज आवंटन को लेकर शासन स्तर से हुई वार्ता और लिखे गए पत्रों की जानकारी दी। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे निर्णय होने के बाद भी हटेंगे। दिन भर निदेशक दफ्तर में जमे रहे। शाम को दफ्तर भी नहीं बंद करने दिया। इसकी सूचना पुलिस को दी गई तो शाम सात बजे पुलिस निदेशालय पहुंची। पुलिस अफसरों की पहल पर चयनित अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल को कलक्ट्रेट लाया गया। जहां एडीएम सिटी ने राज्यपाल को संबोधित उनका ज्ञापन लिया।

बीएड उत्थान जन मोर्चा एवं युवा अधिकार मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार ने 100 दिन के रिपोर्ट कार्ड में युवाओं का जिक्र तक नहीं किया जबकि चुनाव में तमाम वायदे कर युवाओं को रिझाया गया। इससे साबित होता है कि युवा सरकार के एजेंडे में नहीं हैं।

भर्तियों पर लगी रोक हटाने, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की लंबित परीक्षाएं कराने तथा चयन बोर्ड को भंग होने से बचाने की मांग पर प्रतियोगी 29 जून को कैंडल मार्च करेंगे। छात्र दिन में 4.30 बजे एलनगंज स्थित माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड दफ्तर के सामने से कैंडल मार्च शुरू करेंगे। कैंडल लेकर छात्र बालसन चौराहे तक जाएंगे। सलोरी, छोटा बघाड़ा सहित कई मोहल्लों में माइक मीटिंग कर छात्रों ने कैंडल मार्च की जानकारी दी। इनकी योजना मार्च में बड़ी संख्या में प्रतियोगियों को जुटाकर शासन तक यह संदेश पहुंचाने की है कि भर्तियों को लेकर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो स्थिति बिगड़ सकती है।

उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के विज्ञापन संख्या 47 के तहत विज्ञापित 1150 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के लिए लिखित परीक्षा शीघ्र कराने की मांग को लेकर प्रतियोगी गुरुवार को आयोग दफ्तर पर प्रदर्शन करेंगे। आयोग ने इनके लिए पिछले साल सितंबर में आवेदन लिए थे। तकरीबन 50 हजार आवेदन हुए हैं।

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