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शिक्षामित्रों के लिए कम नहीं हो रहीं मुसीबतें, टीईटी के नंबरों से फंसे जाएगा पेंच

आगरा। सहायक शिक्षक बनने के लिए जद्दोजहद कर रहे शिक्षामित्रों के साथ अध्यापक पात्रता परीक्षा में भी लड़ाई लड़नी पड़ रही है। टीईटी में आए गलत प्रश्नों को लेकर कोर्ट का सहारा लेना पड़ रहा है।
शिक्षामित्रों ने परीक्षा में आए आधा दर्जन से अधिक गलत प्रश्नों पर आपत्ति दर्ज कराई थी। लेकिन, बोर्ड ने महज दो प्रश्नों के उत्तरों की ही अंकों की श्रेणी में शामिल किया। शिक्षामित्रों में इस बात को लेकर रोष व्याप्त है। शिक्षामित्र संगठन द्वारा मामले में कोर्ट की शरण ली गई है।
पात्रता परीक्षा पर उठे सवाल
सहायक अध्यापक बनने के लिए शिक्षामित्रों को अध्यापक पात्रता परीक्षा पास करनी होगी। इसके बाद उन्हें लिखित परीक्षा से गुजरना होगा। सुप्रीम कोट ने समायोजन रद होने के बाद शिक्षामित्रों को सिर्फ दो टीईटी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी है। ऐसे में शिक्षामित्र अपने भविष्य को संवारने के लिए जी जान से जुटे थे। लेकिन, पात्रता परीक्षा में आए सवालों ने उन्हें उलझा दिया। जब इन सवालों का गहनता से अध्ययन किया गया, तो मामला कुछ और ही निकला था। आगरा में शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र छौंकर ने बताया कि पात्रता परीक्षा में जो सवाल पूछे गए, उनमें दस सवाल तो गलत थे। जिनके उत्तर अभ्यर्थी नहीं दे सके थे। शिक्षामित्र संगठन ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई थी। लेकिन, बोर्ड ने महज दो सवालों को ही समान अंक की श्रेणी में शामिल किया। अन्य गलत सवालों के लिए कोई भूल सुधार नहीं की।


बिहार बोर्ड का दिया हवाला
शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह छौंकर का कहना है कि टीईटी की परीक्षा में जब बिहार में हुई थी, तो वहां भी कई अनियमितताएं पाईं गईं थीं। लेकिन, इनमें भूल सुधार किया गया था और 15 समान अंक दिए गए थे। लेकिन, यूपी टीईटी में महज दो प्रश्नों के दो अंक दिए गए हैं। ऐसे में शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक बनने की प्रक्रिया को और भी जटिल कर दिया है।
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