हरदोई (ब्यूरो) – अपने ही विद्यालय की सहायक महिला
अध्यापक से छेड़खानी व गाली गलौज का विरोध करने पर विद्यालय प्रधानाध्यापक
ने महिला शिक्षिका को लात-घूंसों से जमकर पीटा व ग्रामीणों के बीच बचाव से
जैसे तैसे बची महिला शिक्षक की जान महिला शिक्षक ने 100 नंबर डायल कर पुलिस
को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी अध्यापक को साथी सहित
गिरफ्तार किया प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंजू लता पत्नी अनिल कुमार
निवासी ग्राम पुरवा, थाना कोतवाली देहात जो कि समायोजित शिक्षामित्र के पद
पर प्राथमिक विद्यालय बिल्हा विकासखंड अहिरोरी में तैनात है। वहीं विपक्षी
सुनील कुमार यादव इसी विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात है ।आपसी
सामंजस्य ना बैठने पर लगी लगातार अश्लील हरकतें करने का विरोध करने पर
सुनील कुमार यादव ने प्रार्थनी के साथ पहले तो अश्लील हरकतें की ,जिसका
महिला ने विरोध किया।
इससे खुन्नस खाए प्रधानाध्यापक ने महिला के साथ लात जूतों से जमकर
मारपीट की ।उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक तरफ प्राथमिक विद्यालयों की
स्थिति संभालने के लिए पूरी ताकत झोंके हुए हैं महिला सशक्तिकरण के नाम पर
तरह तरह के प्रोग्राम चलाकर उनको सम्मान और स्वाभिमान के साथ जीने का अवसर
प्रदान कर रही है तो दूसरी ओर शिक्षा के मंदिर में एक अध्यापक के द्वारा
सहयोगी सहायक अध्यापक के साथ इस तरह का बर्ताव भाजपा की सरकार के मंसूबों
पर पानी फेरने का काम कर रही है ।पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक हरदोई से
न्याय की गुहार लगाई है । वहीं सूत्रों की माने तो आरोपी शिक्षक टडियावा
थाना पुलिस की गिरफ्त में पहुंच चुका है अब देखना होगा, इस महिला को न्याय
मिलता है या नहीं।
sponsored links:
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Advertisement
Breaking News
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- आचार्य और अनुदेशकों को कराई जाएगी बीटीसी, शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग से मांगी सूची
- 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी का विरोध
- UPTET फॉर्म भरते समय अपलोड होने वाले Hand written declaration/हस्तलिखित घोषणा का प्रारूप
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें