एनबीटी,
लखनऊ: परिषदीय विद्यालयों में तैनात शिक्षामित्रों ने समायोजन में मनमानी
का आरोप लगाते हुए सोमवार को बीएसए कार्यालय पर विरोध जताया। शिक्षामित्रों
ने मूल विद्यालय में भेजने की मांग को लेकर बीएसए कार्यालय के साथ-साथ
जिलाधिकारी को भी ज्ञापन दिया।
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के पूर्व
जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने सभी समायोजित
शिक्षामित्रों को उनके मूल विद्यालय भेजने के आदेश दिए थे। इसके लिए मूल
विद्यालय का विकल्प भी भरवा लिया गया। लेकिन जब सूची जारी हुई तो उसमें 950
में से सिर्फ 322 को ही मूल विद्यालय भेजा गया। संतोष बाबू, दिनेश मौर्य
सहित कई शिक्षामित्रों ने कहा कि जब तक हम शिक्षक थे तब तक तो 80 किलोमीटर
भी पढ़ाने जाने में कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन शिक्षामित्र के रूप में
मात्र 10 हजार रुपये ही मानदेय मिलना है, ऐसे में उन्हें मूल विद्यालय में
ही भेजा जाए।
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