BAREILLY: बीएसए ऑफिस में इन दिनों शिक्षामित्रों के समायोजन के नाम पर दूसरे
जिलों से ट्रांसफर होकर आए टीचर्स को मनचाही तैनाती देने का खेल चल रहा है.
शासन ने शिक्षामित्रों को राहत देते हुए उनकी इच्छानुसार मूल विद्यालय में
तैनाती करने का आदेश दिया था, लेकिन बीएसए ने मूल तैनाती वाले विद्यालय
में तैनाती के लिए आवेदन न करने वाले शिक्षामित्रों को भी मूल विद्यालय में
तैनाती का आदेश जारी कर दिया है. सूत्रों की मानें तो इसके पीछे टीचर्स को
मनचाही तैनाती देने का खेल चल रहा है. इसे लेकर शिक्षामित्रों ने विरोध का
बिगुल फूंक दिया है. शनिवार को भी बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों ने बीएसए
ऑफिस में धरना देकर जबरन मूल विद्यालय में तैनाती का आदेश निरस्त करने की मांग की.
1300 शिक्षामित्रों ने ही िकया आवेदन
जिले के स्कूलों में 3340 शिक्षामित्र तैनात हैं. इनमें से 3140
शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाया गया था. समायोजन रद होने के बाद
शिक्षामित्रों को राहत देते हुए शासन ने पिछले दिनों शिक्षामित्रों की
इच्छानुसार उनकी तैनाती मूल तैनाती वाले विद्यालयों में करने का आदेश दिया
था. इसके बाद 1300 शिक्षामित्रों ने अपने मूल विद्यालयों में वापस जाने के
लिए आवेदन किए थे. लेकिन बीएस ने बाकी बचे 1940 शिक्षामित्रों को भी मूल
तैनाती वाले विद्यालय में ज्वाइन करने का आदेश जारी कर दिया. जबकि इन
शिक्षामित्रों का कहना है कि वह वर्तमान तैनाती वाले विद्यालय में ही कार्य
करना चाहते हैं. उन्होने आरोप लगया है कि बीएसए उन्हे जबरदस्ती मूल
विद्यालयों में भेजने के लिए आवेदन करा रही हैं. उनका कहना है कि बीएसए
उन्हें हटाकर अंतर जनपदीय ट्रांसफर होकर आए टीचर्स को उनकी जगह तैनात करना
चाहती हैं.
शिक्षामित्रों की बात को सुना गया है. इस मामले में शासन से मार्गदर्शन मांगकर आगे विचार किया जाएगा.
तनुजा मिश्रा, बीएसए
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