अमेठी। यूपी के अमेठी में एक मामला सामने आया है। जहां दो साल पहले फर्जी रिकॉर्ड दिखाकर 12 शिक्षकों ने नौकरी हथिया ली जिसका पर्दाफाश हो गया है। अब इन शिक्षकों को नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।
दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2016 में परिषदीय स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर 16448 शिक्षकों को नियुक्त किया था। इस क्रम में जिले के अंदर 300 से ज्यादा शिक्षकों को नियुक्ति मिली थी। शिक्षक भर्ती में चयनित होकर आए शिक्षकों की डिग्री की जब पड़ताल हुई तो कई शिक्षकों की डिग्री फर्जी निकली।
बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि प्रथम चक्र में जिले के अलग-अलग ब्लाकों में पोस्टेड सात शिक्षकों की डिग्री सत्यापन में फर्जी पाई गई। सभी को नोटिस जारी कर बुधवार को कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखने को कहा गया था। लेकिन इनमें से एक भी शिक्षक बुधवार को कार्यालय नहीं पहुंचे।
सत्यापन में अमेठी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय जयरामपुर में तैनात गीतांजलि, परमेश्वरी में तैनात सरोज कुमार भारती व कटारी में तैनात मुकेश कुमार, बाजारशुकुल के किसनी में तैनात अखिलेश यादव व भादर के भदाव में तैनात अखिलेश सिंह का डीएलएड की डिग्री फर्जी पाई गई हैं। इन सभी शिक्षकों को नोटिस भेजकर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है। विनोद ने कहा कि जिन्होनें अब तक अपना पक्ष नही रखा उससे साबित होता है कि उन्हें कुछ नहीं कहना है। अब एक अंतिम मौका नोटिस जारी कर और दिया जाएगा। इसके बाद एफआईआर कर कार्रवाई की जाएगी।
लेटेस्ट Sarkari Naukri, Govt Jobs, Results, Admit Card, Exam Dates और Education News के लिए भरोसेमंद वेबसाइट – E Sarkari Naukri Blog
Important Posts
Advertisement
Breaking News
- SCIENCE QUIZ: शिक्षक भर्ती लिखित परीक्षा हेतु विज्ञान विषय प्रश्नोत्तरी पार्ट-2
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मुख्य सेविकाओं का प्रमोशन जल्द
- शासन की नवीन पेंशन योजना कर्मचारियों से छीन रही बुढ़ापे का सहारा, 28 अक्टूबर को देश के प्रत्येक सांसद आवास पर रखा जाएगा एक दिन का उपवास
- 26 मई 1999 का शासनादेश: जिसमे अध्यापक के रिक्त पद के सापेक्ष शिक्षामित्रों की नियुक्ति पैरा टीचर के रूप में की गयी थी,देखें आदेश की प्रति
- विद्यालय प्रबंध समिति सदस्यों (school management committe -smc ) का प्रशिक्षण मॉड्यूल वर्ष training module 2019-20
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें