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📢 टीईटी अनिवार्यता पर राहत की उम्मीद | 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए बड़ी खबर

 UP Teacher Eligibility Test News 2026:

लखनऊ। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर वर्ष 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना बन रही है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने उत्तर प्रदेश सहित सभी राज्य सरकारों से ऐसे शिक्षकों का विस्तृत और सत्यापित ब्यौरा मांगा है, जो सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 के फैसले से प्रभावित हो सकते हैं।


🏫 उत्तर प्रदेश में टीईटी से प्रभावित शिक्षक

  • उत्तर प्रदेश में लगभग 1.86 लाख शिक्षक टीईटी पास नहीं कर पाए हैं।

  • केंद्र सरकार के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षक संगठन और जनप्रतिनिधियों की ओर से अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं।

  • इन अभ्यावेदन में यह चिंता जताई गई कि अंतिम चरण में पहुंच चुके शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना कठिन है, जिससे उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है।


📝 राज्यों से मांगी गई जानकारी

राज्यों को कहा गया है कि वे निम्नलिखित विवरण 16 जनवरी 2026 तक केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को भेजें:

  1. 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों की संख्या

  2. उनकी वर्तमान सेवा स्थिति

  3. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संभावित प्रभाव

  4. राज्य सरकार की स्पष्ट राय और विकल्प

मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि शिक्षक भर्ती से जुड़े सभी नियम राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के तय मानकों के अनुरूप होने चाहिए।


⚖️ शिक्षक संगठनों की प्रतिक्रिया

  • अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि यह कदम शिक्षकों के लंबे संघर्ष की बड़ी उपलब्धि है।

  • संगठन की ओर से ज्ञापन, हस्ताक्षर अभियान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मुलाकात और दिल्ली में धरना-प्रदर्शन किए गए थे।

  • सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका भी दायर की गई थी।

केंद्र सरकार का यह कदम संकेत देता है कि आने वाले समय में शिक्षकों के हित में सकारात्मक फैसला हो सकता है।

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