TET Latest News 2026:
नई दिल्ली। शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) अनिवार्यता को लेकर देशभर के लाखों शिक्षकों के लिए राहत की उम्मीद जगी है।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद सभी राज्यों से जानकारी मांगी है कि टीईटी अनिवार्यता के कारण उनके राज्य में कितने शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं।📝 रिपोर्ट किसके लिए मांगी गई?
शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह रिपोर्ट कक्षा 1 से 8 तक के, वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को ध्यान में रखते हुए मांगी गई है।
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राज्यों को 16 जनवरी 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट केंद्र को सौंपनी होगी।
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31 दिसंबर 2025 को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजा जा चुका है।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट फैसले के बाद क्या कार्रवाई?
शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों से जानकारी मांगी है कि—
✔ 1 सितंबर 2025 के सुप्रीम कोर्ट फैसले के बाद कितने शिक्षक टीईटी अनिवार्यता से प्रभावित हुए हैं।
✔ कक्षा 1–5 और 6–8 के शिक्षकों की संख्या, शैक्षिक योग्यता, प्रशिक्षण स्थिति और आयु वर्गवार विवरण।
🔢 आयु वर्गवार विवरण
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21–25 वर्ष
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26–30 वर्ष
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31–35 वर्ष
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36–40 वर्ष
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41–45 वर्ष
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46–50 वर्ष
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51–55 वर्ष
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56–60 वर्ष
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60 वर्ष से अधिक
📌 केंद्र ने यह भी मांगी जानकारी
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कितने शिक्षक एनसीटीई 2011 अधिसूचना से पहले नियुक्त हुए।
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कितने शिक्षक 2011 के बाद नियुक्त हुए।
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2011 से पहले टीईटी पास शिक्षकों की संख्या।
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कुल टीईटी पास शिक्षक और टीईटी से बाहर होने वाले शिक्षक।
🏫 यूपी में टीईटी अनिवार्यता से प्रभावित शिक्षक
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (AIRSM) के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लगभग 1.86 लाख शिक्षक टीईटी अनिवार्यता से प्रभावित हो रहे हैं।
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महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर राहत देने की मांग की।
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महासंघ का कहना है कि एनसीटीई अधिसूचना में यह स्पष्ट है कि कक्षा 1 से 8 के शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता अधिसूचना की तिथि से ही लागू होती है, इसलिए इससे पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट मिलनी चाहिए।