📌 मऊ: तबादले के नाम पर 35,000 रुपये की माँग — “बीएसए” बनकर फोन करने वाले ठग का आरोप

 Mau जिले में एक प्राथमिक शिक्षकथा, जिसे दूसरे स्कूल में तबादला कराने का झांसा देकर 35,000 रुपये की मांग की गई। मामला तब सामने आया जब एक व्यक्ति ने खुद को बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) का लिपिक बताया और फोन पर शिक्षक को कहा कि वह उसके स्कूल के पास किसी और स्कूल में ट्रांसफर दिलवा देगा।

📌 शिक्षक से उसकी नाम, जन्मतिथि और नियुक्ति-तारीख जैसी जानकारी लेकर फिर कहा गया कि उसके मामले के लिए तीन शिक्षक पहले से ही लाइन में लगे हैं और जल्दी काम करवाने के लिए ₹35,000 जमा कर दो।

📌 असल में यह फोन करने वाला कोई विभागीय अधिकारी नहीं था, बल्कि ठगों या फर्जी BSA प्रतिनिधि ने शिक्षक को धोखा देने की कोशिश की। शिक्षक ने संदेह होने पर अपने रिश्तेदार को पूरा मामला बताया, और फिर तुरंत यह सूचना बीएसए कार्यालय को दे दी

📌 बीएसए संतोष उपाध्याय ने कहा कि शिकायत मिलने पर मामला SP कार्यालय तक भेजा गया है और अब जांच प्राधिकरण की ओर से किया जा रहा है


🧑‍🏫 यह मामला क्यों चिंता का विषय है?

✔ शिक्षक को तबादले का वादा कर पैसे की मांग करना — यह शिक्षा विभाग में आचार-संहिता के खिलाफ और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप है।
✔ फोन धोखाधड़ी से शिक्षकों को निशाना बनाना — यह सार्वजनिक दफ्तरों के नाम का दुरुपयोग भी हो सकता है।

इसके अलावा, इसी तरह से देवरिया-गोरखपुर में एक शिक्षक भ्रष्टाचार और प्रताड़ना की वजह से आत्महत्या करने जैसा मामला भी सामने आया है, जिसमें आरोप हैं कि विभागीय कर्मचारियों द्वारा भारी रकम लिए जाने और परेशान किए जाने को शिक्षक ने अंतिम क़दम बताया था।


📢 प्रशासन ने क्या किया?

✔ शिक्षिका ने शिकायत के बाद बीएसए कार्यालय को सूचना दी
✔ वारदात के विवरण के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है।