कुछ बैंक पेंशनधारकों को रियायती दरों पर देते हैं आवास ऋण

 नई दिल्ली। युवाओं के पास लोन चुकाने के लिए समय होता है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों अपनी पात्रता के प्रति चिंता सताती रहती है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवास कर्ज पर ब्याज दरें आम तौर पर युवाओं के बराबर ही होती हैं। हालांकि कुछ बैंक पेंशनधारकों को रियायती दर पर लोन दे सकते हैं।



बढ़ती महंगाई के बीच घर खरीदने का प्लान बन जाए तो आवास ऋण लेना जरूरी लगता है। अगर यह योजना 60 साल की उम्र के बाद बने तो मन में यह सवाल उठता है कि क्या बैंक की तरफ से आवास ऋण मिल सकेेगा? अक्सर लोगों को लगता है कि 60 साल के बाद बैंक आवास ऋण नहीं देते। यह सच नहीं है। वरिष्ठ नागरिकों को भी बैंक आवास ऋण देे सकते हैं, लेकिन ऐसे मामलों में बैंकों के नियम थोड़े सख्त हो जाते हैं। दरअसल, जब आप 30 साल के होते हैं, बैंक आपकी भविष्य की आमदनी देखता है। लेकिन 60 साल की उम्र में बैंक यह देखता है कि आपकी मौजूदा आमदनी कितने समय तक बनी रह सकती है।


बैंक लोन देने से पहले आवेदक की लोन चुकाने की क्षमता, आय स्रोत, और उम्र को ध्यान में रखते हैं। अगर आप 60 साल या उससे अधिक उम्र के हैं और घर के लिए कर्ज लेना चाहते हैं, तो किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है? आइए जानते हैं।


सह-आवेदक से मिल सकती है मदद : कई वरिष्ठ नागरिक अपने लोन में पति/पत्नी या कम उम्र वाले कमाने वाले बच्चे को जोड़ते हैं। इससे लोन की टेन्योर बढ़ सकती है ।

किसे मिलता है होम लोन?

खबरों के मुताबिक, आवास ऋण के लिए आवेदन करते समय उम्र एक अहम कारक होती है। ज्यादातर बैंक युवा उधारकर्ताओं को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, वरिष्ठ नागरिक भी ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। आमतौर पर, कर्ज की परिपक्वता के समय अधिकतम आयु 70 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसका मतलब है कि 60 वर्ष का व्यक्ति अधिकतम 10 वर्ष की अवधि के लिए कर्ज ले सकता है। बैंक आय की स्थिरता का भी आकलन करते हैं। पेंशन आय, किराए से कमाई या फिर सावधि जमा से कमाई होने पर पात्रता बढ़ सकती है। अगर वरिष्ठ नागरिक कर्ज के लिए आवेदन करते हैं तो उन्हें नियमित आय का प्रमाण देना होगा। कुछ बैंक पर्याप्त बचत या निवेश वाले रिटायर्ड लोगों को कर्ज दे सकते हैं।