आज कुछ सवाल आपसे ,क्योंकि आप अपने जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की गतिविधियों को जमीनी रूप में हकीकत से देख पा रहे हैं ।
बात यहीं नहीँ ख़त्म होती बल्कि इसको भरने का काम लेखा का है जो इसके एवज में 500 से 1000 रुपये भी इन अध्यापकों से वसूल कर रहा है ।
बीएसए खुद इस वसूली का हिस्सा बने हुये हैं , सचिव और डाइरेक्टर सभी बैठे तमाशा देख रहे हैं ।
कई जिलों में तो अध्यापकों की पिछले महीने की तनख्वाह 15 ता.के बाद आई है पर कोई सुध लेनेवाला तक नहीँ ।
अजीब सी लूट मची है ।
एकमात्र सरकारी विभाग है जहाँ विभाग के ही लोग विभाग के लोगों से उनके जायज काम करने के लिये नाजायज या अवैध वसूली में लगे हुये हैं ।
वैसे कहने को तो प्राथमिक शिक्षक संघों के नाम पर उत्तर प्रदेश में अनेक संगठनों के नेता साफ कुर्ते पहनकर बड़ी-बड़ी बातें करते मिल जायेंगे पर बेसिक की लूट इन्हें दिखाई ही नहीँ देती ?
क्योंकि ये नेता भी इस लूट में सहायक हैं । अतिसरल शब्दों में दलाली करते हैं । शिक्षकों से बीएसए दफ्तरकर्मियों को पैसे दिलवा उनके काम करवाकर दोनों के भले बन अपने को बड़ा नेता मान लेते हैं ।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों , शिक्षक संघों के नेता इनके पास इस वसूली का कोई जवाब है ?
बेसिक शिक्षा विभाग में फैले घनघोर भ्रष्टाचार पर कार्यवाई होगी ?
दोषियों को सजा मिलेगी ?
या निरीह शिक्षकों को ऐसे ही लूटा जाता रहेगा ?
हमें इंतजार है सरकारी तंत्र के एक्शन और कार्यवाई का.....
शेष फ़िर...
आपका - गणेश शंकर दीक्षित
टीईटी संघर्ष मोर्चा,उ.प्र.
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बात यहीं नहीँ ख़त्म होती बल्कि इसको भरने का काम लेखा का है जो इसके एवज में 500 से 1000 रुपये भी इन अध्यापकों से वसूल कर रहा है ।
बीएसए खुद इस वसूली का हिस्सा बने हुये हैं , सचिव और डाइरेक्टर सभी बैठे तमाशा देख रहे हैं ।
कई जिलों में तो अध्यापकों की पिछले महीने की तनख्वाह 15 ता.के बाद आई है पर कोई सुध लेनेवाला तक नहीँ ।
अजीब सी लूट मची है ।
एकमात्र सरकारी विभाग है जहाँ विभाग के ही लोग विभाग के लोगों से उनके जायज काम करने के लिये नाजायज या अवैध वसूली में लगे हुये हैं ।
वैसे कहने को तो प्राथमिक शिक्षक संघों के नाम पर उत्तर प्रदेश में अनेक संगठनों के नेता साफ कुर्ते पहनकर बड़ी-बड़ी बातें करते मिल जायेंगे पर बेसिक की लूट इन्हें दिखाई ही नहीँ देती ?
क्योंकि ये नेता भी इस लूट में सहायक हैं । अतिसरल शब्दों में दलाली करते हैं । शिक्षकों से बीएसए दफ्तरकर्मियों को पैसे दिलवा उनके काम करवाकर दोनों के भले बन अपने को बड़ा नेता मान लेते हैं ।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों , शिक्षक संघों के नेता इनके पास इस वसूली का कोई जवाब है ?
बेसिक शिक्षा विभाग में फैले घनघोर भ्रष्टाचार पर कार्यवाई होगी ?
दोषियों को सजा मिलेगी ?
या निरीह शिक्षकों को ऐसे ही लूटा जाता रहेगा ?
हमें इंतजार है सरकारी तंत्र के एक्शन और कार्यवाई का.....
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