Important Posts

Advertisement

Govt Jobs : Opening

शिक्षामित्रों के मानदेय में नहीं हुई वृद्धि, एक बार फिर मिली मायूसी

 आगरा। प्रदेश भर के लाखों शिक्षा मित्र सालों से सरकार की ओर तक ताकि लगाए देख रहे हैं लेकिन सरकार हर बार वादा कर बड़ा पूरा नहीं कर रही है। जैसा कि इस दीपावली पर सुनने में आ रहा था कि सरकार शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि कर दीपावली का तोहफा देने जा रही है। लेकिन प्रदेश के 1 लाख पचास हजार शिक्षामित्रों को मायूसी हाथ लगी है। ज्ञात हो कि बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप कुमार ने शिक्षामित्र संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें आश्वस्त किया था कि सरकार




शिक्षामित्र हित में उचित निर्णय लेने जा रही है। बाद में शिक्षामित्र नेताओं ने शिक्षक एमएलसी चंद शर्मा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री ने भी कहा था। सरकार शिक्षामित्रों की माँगों पर बिचार कर रही है। मुख्यमंत्री का बयान आने के बाद शिक्षामित्रों में उम्मीद की किरण जगी थी। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह छौंकर ने कहा है कि सरकार शिक्षामित्रों के साथ लगातार सौतेला व्यबहार कर रही है पिछले 7 साल से प्रतिमाह मिलने बाले मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की गयी है। जबकि बेसिक शिक्षा में कार्यरत अन्य कर्मचारियों के बेतन

भत्तों में कई बार बढ़ोत्तरी की जा चुकी है। एक तरफ सरकार ने प्रतिमाह 70 से 80 हजार प्रतिमाह बेतन पा रहे अन्य कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी की है। साथ ही बोनस भी दिया है। जबकि अल्प मानदेय पर संतोष पूर्वक कार्य कर रहे शिक्षामित्रों के मानदेय में कोई वृद्धि न करना सरकार की संवेदन हीनता को दशार्ता है। अपने भविष्य की चिंता में मानसिक अवसाद, हृदयघात, आत्महत्या तथा असाध्य बीमारी के कारण इलाज के अभाव में अबतक हजारों शिक्षामित्र असामयिक ही काल के गाल में समा चुके हैं यह शिलशिला अनवरत जारी है।

ليست هناك تعليقات:

إرسال تعليق

UPTET news