सूबे में साक्षरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 10 साल के अंतराल में 3.87 करोड़ लोग अधिक साक्षर हुए। तो साक्षरता दर भी 56.27 फीसदी से बढ़कर 69.72 फीसदी हो गई। फिर भी यूपी साक्षरता के मामले में दूसरे राज्यों से पिछड़ा हुआ है। देश भर में यूपी साक्षरता दर की मेरिट में 29वें पायदान पर है।
साक्षरता के लिए जनगणना 2011 के आंकड़ों के मुताबिक यूपी की हालत बहुत बुरी बनी हुई है। यहां केरल जैसे राज्यों की साक्षरता दर 93.91 प्रतिशत है। वहीं यूपी की खुद की साक्षरता दर पूरे भारत की औसत साक्षरता दर 74.04 प्रतिशत से भी कम है।
भारत की औसत साक्षरता दर से कम आंकड़े वाले राज्यों में यूपी उड़ीसा, आसाम, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश से भी कमतर है। कुल 35 राज्यों की बनी सूची में यूपी से नीचे सिर्फ जम्मू कश्मीर, आंध्रप्रदेश, झारखंड, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश और बिहार है।
हालांकि यूपी में वर्ष 2001 की तुलना में वर्ष 2011 के आंकड़ों में साक्षरों की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2001 में 56.27 प्रतिशत की साक्षरता दर के साथ यूपी में 5.88 करोड़ लोग निरक्षर थे। वहीं 2011 में साक्षरता दर 69.72 प्रतिशत के साथ निरक्षरों की संख्या 5.14 करोड़ रह गई है।
शहरी साक्षरता में 5.34 फीसदी वृद्धि हुई
यूपी में साक्षरता निदेशक डॉ. अवध नरेश शर्मा का कहना है कि 2001 की तुलना में 2011 के आंकड़ों में यूपी की साक्षरता दर में 11.38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जबकि पूरे देश में केवल 8.15 प्रतिशत की बढ़ोतरी मिली है। देश की तुलना में साक्षरता दर का अंतर भी कम हुआ है।
पहले यह अंतर 8.54 प्रतिशत था। अब यह अंतर केवल 5.31 प्रतिशत रह गया है। एक दशक में शहरों की साक्षरता दर में 5.34 प्रतिशत वृद्धि हुई है लेकिन गांवों की साक्षरता दर में सरकार केप्रयासों से 12.96 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रेरणा देने के लिए इन्हें पुरस्कार
सांसद आदर्श ग्राम में लोगों को साक्षर बनने के लिए प्रेरणा देने वाले प्रेरकों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इनमें वाराणसी के सीवों चिरई गांव की प्रमिला देवी, चंदौली के जरखोरकलां सदर के गोपाल सिंह, बांदा के कटरा कालींजर नरैनी की मधु देवी व असलम अली, गोरखपुर के जंगल औराही चरगावां की सरिता चौधरी व विवेक चौधरी, मथुरा के रावल नगला पोला की मीनाक्षी शर्मा व हरीहर शरण और महोबा के पिपरामाफ कबरई की गायत्री देवी व संतोष कु मार शामिल हैं।
राज्य सरकार ने साक्षर भारत मिशन में जेल में कैदियों को साक्षर बनाने के लिए जेल अधीक्षक अकरम खान को विशेष पुरस्कार के लिए चुना गया है। बृहस्पतिवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में बेसिक शिक्षामंत्री अहमद हसन उन्हें पुरस्कृत करेंगे।
अकरम खान ने गौतमबुद्धनगर, फीरोजाबाद में रहते हुए इग्नू की मदद से कैदियों की पढ़ाई कराई। इसके बाद उन्हें साक्षरता परीक्षा में शामिल कराकर प्रमाण पत्र भी दिलवाए। उनके प्रयास से इग्नू ने जेल में परीक्षा केंद्र बनाया।
सभी बंदियों को बेसिक शिक्षा के पाठ्यक्रम के अनुसार ही शिक्षा दिलाई गई। मौजूदा समय में अकरम खान फीरोजाबाद जेल में तैनात हैं।

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साक्षरता के लिए जनगणना 2011 के आंकड़ों के मुताबिक यूपी की हालत बहुत बुरी बनी हुई है। यहां केरल जैसे राज्यों की साक्षरता दर 93.91 प्रतिशत है। वहीं यूपी की खुद की साक्षरता दर पूरे भारत की औसत साक्षरता दर 74.04 प्रतिशत से भी कम है।
भारत की औसत साक्षरता दर से कम आंकड़े वाले राज्यों में यूपी उड़ीसा, आसाम, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश से भी कमतर है। कुल 35 राज्यों की बनी सूची में यूपी से नीचे सिर्फ जम्मू कश्मीर, आंध्रप्रदेश, झारखंड, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश और बिहार है।
हालांकि यूपी में वर्ष 2001 की तुलना में वर्ष 2011 के आंकड़ों में साक्षरों की संख्या बढ़ी है। वर्ष 2001 में 56.27 प्रतिशत की साक्षरता दर के साथ यूपी में 5.88 करोड़ लोग निरक्षर थे। वहीं 2011 में साक्षरता दर 69.72 प्रतिशत के साथ निरक्षरों की संख्या 5.14 करोड़ रह गई है।
शहरी साक्षरता में 5.34 फीसदी वृद्धि हुई
यूपी में साक्षरता निदेशक डॉ. अवध नरेश शर्मा का कहना है कि 2001 की तुलना में 2011 के आंकड़ों में यूपी की साक्षरता दर में 11.38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है जबकि पूरे देश में केवल 8.15 प्रतिशत की बढ़ोतरी मिली है। देश की तुलना में साक्षरता दर का अंतर भी कम हुआ है।
पहले यह अंतर 8.54 प्रतिशत था। अब यह अंतर केवल 5.31 प्रतिशत रह गया है। एक दशक में शहरों की साक्षरता दर में 5.34 प्रतिशत वृद्धि हुई है लेकिन गांवों की साक्षरता दर में सरकार केप्रयासों से 12.96 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रेरणा देने के लिए इन्हें पुरस्कार
सांसद आदर्श ग्राम में लोगों को साक्षर बनने के लिए प्रेरणा देने वाले प्रेरकों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। इनमें वाराणसी के सीवों चिरई गांव की प्रमिला देवी, चंदौली के जरखोरकलां सदर के गोपाल सिंह, बांदा के कटरा कालींजर नरैनी की मधु देवी व असलम अली, गोरखपुर के जंगल औराही चरगावां की सरिता चौधरी व विवेक चौधरी, मथुरा के रावल नगला पोला की मीनाक्षी शर्मा व हरीहर शरण और महोबा के पिपरामाफ कबरई की गायत्री देवी व संतोष कु मार शामिल हैं।
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राज्य सरकार ने साक्षर भारत मिशन में जेल में कैदियों को साक्षर बनाने के लिए जेल अधीक्षक अकरम खान को विशेष पुरस्कार के लिए चुना गया है। बृहस्पतिवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में बेसिक शिक्षामंत्री अहमद हसन उन्हें पुरस्कृत करेंगे।
अकरम खान ने गौतमबुद्धनगर, फीरोजाबाद में रहते हुए इग्नू की मदद से कैदियों की पढ़ाई कराई। इसके बाद उन्हें साक्षरता परीक्षा में शामिल कराकर प्रमाण पत्र भी दिलवाए। उनके प्रयास से इग्नू ने जेल में परीक्षा केंद्र बनाया।
सभी बंदियों को बेसिक शिक्षा के पाठ्यक्रम के अनुसार ही शिक्षा दिलाई गई। मौजूदा समय में अकरम खान फीरोजाबाद जेल में तैनात हैं।

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