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शिक्षा विभाग में नकल माफिया की बढ़ीं मुश्किलें, बाहरी छात्रों के नाम साफ्टवेयर से उडाए

अलीगढ़ : यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल कराने में बादशाहत कायम कर अतरौलिया बोर्ड नाम से प्रसिद्ध हो चुका नकल माफिया इस बार परेशान है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस बार बोर्ड परीक्षार्थियों की संख्या में भारी गिरावट आ गई है। नकल माफिया के लिए तो छात्र जितने ज्यादा, उगाही उतनी ही ज्यादा।
अब छात्र कम होने की चोट अतरौलिया बोर्ड व नकल माफिया को माध्यमिक शिक्षा परिषद के सॉफ्टवेयर ने दी है। इस बार सीमित सीटों के हिसाब से परीक्षार्थियों के आवेदन व पंजीकरण सॉफ्टवेयर पर डाले गए थे। इसमें जो बाहरी छात्र थे उनके नाम साफ्टवेयर ने उड़ा दिए। आसपास समेत दूरदराज के जिलों व क्षेत्रों से भी विद्यार्थी अलीगढ़ से परीक्षा देने के लिए आवेदन कर देते हैं। उन आवेदकों के नाम परिषद के साफ्टवेयर ने हटा दिए। पिछले साल एक लाख 92 हजार 854 परीक्षार्थियों के पंजीकरण हुए थे। इस साल एक लाख 36 हजार 420 परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए पंजीकृत हुए हैं। इस तरह छात्र संख्या 56 हजार 434 कम हो गई। छात्र संख्या कम होने से नकल का खेल भी प्रभावित होने की उम्मीद है। नकल माफिया ऐसे ही दूर दराज से आने वाले विद्यार्थियों को निशाना बनाते हैं और परीक्षा में पास कराने व नकल कराने के प्रयास के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूलते हैं। वहीं दूसरी ओर इस बार अभी तक 273 परीक्षा केंद्रों पर मुहर लगी है। अभी शासन की ओर से अगर कोई केंद्र बढ़ाए या घटाए नहीं जाते तो इतने केंद्रों पर कम परीक्षार्थी होने से भी नकल के खेल पर नकेल कसने में मदद मिल सकती है। 1ये सही है कि इस बार छात्र संख्या लगभग 56 हजार कम हो गई। इसी के मद्देनजर पिछली बार की अपेक्षा इस बार कम से कम केंद्रों का निर्धारण किया गया है। छात्र संख्या कितनी भी हो नकल पर पूरी तरह से लगाम लगाने का प्रयास रहेगा।

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