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नई व्यवस्था: डीएड विशेष शिक्षा और बीएलएड को शिक्षक भर्ती में मौका

प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में सहायक अध्यापक पद पर भर्ती के लिए चार वर्षीय बीएलएड (बैचलर इन एलीमेंटरी एजुकेशन) और भारतीय पुनर्वास परिषद से अनुमोदित दो वर्षीय डीएड (विशेष शिक्षा) को मान्य कर लिया है।
इसके लिए बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में 22वां संशोधन किया गया है।
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संशोधन तो 15 मार्च को ही कर दिया गया था, लेकिन 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के कारण अब तक इसे जारी नहीं किया गया था। दो दिन पहले संशोधन संबंधी शासनादेश जारी हुआ। सरकार ने राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्य सभी शैक्षिक अर्हताओं को शिक्षक भर्ती के लिए मान्य कर लिया है।
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ये संशोधन 4 अगस्त 2014 को शैक्षिक अर्हता के संबंध में हाईपावर कमेटी की अनुशंसा और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर किया गया है। इसके अलावा उर्दू भाषा के अध्यापकों के लिए दो वर्षीय उर्दू बीटीसी, बीटीसी या समकक्ष योग्यता को मान्य किया है। जबकि उर्दू माध्यम से पढ़ाने की योग्यता में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।

बेरोजगारों को भुगतना पड़ा गड़बड़ी का खामियाजा-
बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली में गड़बड़ी का खामियाजा बेरोजगारों को भुगतना पड़ा। यूपी में शिक्षक भर्ती की नियमावली एनसीटीई की गाइडलाइन के अनुसार नहीं होने के कारण विभिन्न शिक्षक भर्ती के आवेदकों को हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। हालांकि एनसीटीई के अनुसार 22वां संशोधन होने से भविष्य की शिक्षक भर्ती में अर्हता को लेकर विवाद की स्थिति पैदा नहीं होगी। 

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